उत्तराखंड के कॉलेजों में नए सत्र से परमवीर चक्र विजेता सैनिक देशभक्ति के प्रेरणास्त्रोत बनेंगे। केंद्र सरकार के विद्या वीरता अभियान के तहत प्रदेश के सभी विवि व कॉलेजों में ‘वीरता की दीवार’ बनाई जाएगी।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को उच्च शिक्षा की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दो मई को विद्या वीरता अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत युवाओं में देशभक्ति की भावना बढ़ाने के लिए परमवीर चक्र विजेता सैनिकों को प्रेरणास्त्रोत बनाया जाएगा।
देश के सभी 21 परमवीर चक्र विजेता सैनिकों की तस्वीरों से सजी वीरता की दीवार सभी कॉलेज व विश्वविद्यालयों में लगाई जा रही है। शनिवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीरता की दीवार उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में बनाने के निर्देश दिए। यह दीवार 15 गुणा 20 फिट की होगी, जिस पर सभी 21 परमवीर चक्र विजेता सैनिकों के पोट्रेट लगाए जाएंगे।
क्या है परमवीर चक्र
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है, जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाता है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई थी। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं। इसे देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। इससे पहले जब भारतीय सेना ब्रिटिश सेना के तहत कार्य करती थी तो सेना का सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रॉस हुआ करता था। लेफ्टिनेंट या इससे कमतर पदों के सैन्य कर्मचारी को यह पुरस्कार मिलने पर उन्हें या उनके आश्रितों को नकद राशि या पेंशन देने का भी प्रावधान है।