राजकीय शिक्षक संघ की जिला शाखा ने शिक्षकों की पदोन्नति में तीस फीसदी अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतीक्षा सूची भी
अविलंब जारी करने की मांग उठाई है।
यदि कोई शिक्षक पदोन्नति में न जाना चाहे तो उसके स्थान पर प्रतिक्षारत शिक्षक पदोन्नति प्राप्त कर सके।
गुरुवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित हुई बैठक में जिलाध्यक्ष केके डिमरी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने अनिवार्य स्थानांतरण नीति लागू कर जनपद के अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे शिक्षकों को राहत दी है।
कहा गया कि अनुरोध के आधार पर होने वाले स्थानांतरण भी शीघ्र किए जाएं। जिससे विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था सुचारु किया जा सके। इस मौके पर मोहन सिंह नेगी, उमेश जोशी, दिनेश आदि मौजूद थे।