पहाड़ों की रानी मसूरी में किडनी रोगियों को डायलिसिस के लिए देहरादून जाना पड़ता है। उप जिला चिकित्सालय में यह सुविधा न होने से मरीजों को नियमित उपचार के लिए करीब 35 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।
देहरादून-मसूरी मार्ग पर जाम और बारिश के दौरान सड़क की खराब स्थिति मरीजों की परेशानी बढ़ा देती है। बार-बार देहरादून जाने से मरीजों और उनके परिजनों को समय, धन और सफर की परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासियों राजेंद्र सिंह और राम प्रसाद ने कहा कि मसूरी में डायलिसिस सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें देहरादून नहीं जाना पड़ेगा। मसूरी के साथ नैनबाग, थत्यूड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इस सुविधा से लाभान्वित होंगे। लंबे समय से डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की मांग उठ रही है।
भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि किडनी रोगियों को नियमित उपचार के लिए राजधानी देहरादून जाना पड़ता है। बारिश और सड़क बंद होने जैसी परिस्थितियों में मरीजों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से वार्ता कर मसूरी में डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की मांग उठाई जाएगी। उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. केएस चौहान ने बताया कि करीब आठ मरीज डायलिसिस के लिए देहरादून जाते हैं।