फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीपीडीओ भर्ती घपला: पूर्व सीएम के ओएसडी भी एसटीएफ के रडार पर, मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष के हुए बयान

Sun, 09 Oct 2022 07:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

शनिवार को पकड़े गए तीनों आरोपी सरकार में बड़ी पैठ रखते हैं। इनकी गिरफ्तारी से सरकारी तंत्र में भी तमाम चर्चा शुरू हो गई है। अब तक जिन संबंधों को गुपचुप तरीके से कहा जा रहा था, अब वह सार्वजनिक हो गए हैं। आरबीएस रावत के राजनीतिक लोगों से गहरे ताल्लुकात थे। यही कारण था कि उन पर किसी ने हाथ नहीं डाला।
विज्ञापन
वीपीडीओ भर्ती घपले में गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भर्तियों की धांधली में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। धांधली के तालाब के इन मगरमच्छों पर शिकंजा कसने के लिए एसटीएफ ने तैयारियां भी पूरी की हैं। कई वीआईपी की गवाही भी हो चुकी है। जबकि, कुछ और जांच के दायरे में आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक पूर्व सीएम के ओएसडी भी एसटीएफ के रडार पर हैं। इनसे भी जल्द पूछताछ की जाएगी। शुरुआत में इन्हें भी सरकारी गवाह बनाए जाने की बात चल रही है। 
विज्ञापन


बता दें कि शनिवार को पकड़े गए तीनों आरोपी सरकार में बड़ी पैठ रखते हैं। इनकी गिरफ्तारी से सरकारी तंत्र में भी तमाम चर्चा शुरू हो गई है। अब तक जिन संबंधों को गुपचुप तरीके से कहा जा रहा था, अब वह सार्वजनिक हो गए हैं। आरबीएस रावत के राजनीतिक लोगों से गहरे ताल्लुकात थे। यही कारण था कि उन पर किसी ने हाथ नहीं डाला। अब जब रावत पर शिकंजा कसा गया है तो इसके लिए बड़ी योजना के तहत काम हुआ। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में ज्यादातर लोगों को सरकारी गवाह बनाया गया है ताकि केस को और मजबूत बनाया जा सके।

तमाम वीआईपी लोग और अधिकारियों को इन तीनों के खेल के बारे में पता था। यह भी जानकारी थी कि किस तरह से पैसा इन लोगों के पास आता है और नकल के सिंडीकेट के ये किस तरह से संपर्क में रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें एक मंडी समिति का पूर्व अध्यक्ष भी शामिल है। इससे जब एसटीएफ ने पूछताछ की तो सारा राज उगल दिया। 
विज्ञापन


एसटीएफ ने इस पूर्व अधिकारी को सरकारी गवाह बना लिया है। इससे पूछताछ के आधार पर एसटीएफ के सामने एक पूर्व सीएम के ओएसडी का नाम भी सामने आया। सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ उनकी भी जांच कर रही है। पूर्व ओएसडी से भी पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन

30 से ज्यादा सरकारी गवाह बनाए हैं एसटीएफ ने 

इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को सरकारी गवाह बनाया गया है ताकि न्यायालय में केस को मजबूत बनाया जा सके। इनमें कुछ अभ्यर्थी और अधिकारी शामिल हैं। सभी अभ्यर्थियों ने कन्याल, आरबीएस रावत और आरएमएस के अधिकारियों के नाम लिए हैं। इनमें से कई छात्रों और अधिकारियों को सरकारी गवाह भी बनाया जा चुका है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें