वन विभाग के पूर्व मुखिया आरबीएस रावत का अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। पेपर लीक की दागी कंपनी आरएमएस की एंट्री आरबीएस रावत ने ही आयोग में अध्यक्ष रहते कराई थी। वहीं, वीपीडीओ भर्ती पर विवाद होने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था लेकिन स्वीकार न होने के चलते वह सात महीने तक कुर्सी पर जमे रहे।
वीपीडीओ भर्ती गड़बड़ी में जेल जाने वाले पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत के बतौर अध्यक्ष कार्यकाल में कई विवाद सामने आए। 2014 में आयोग की स्थापना के साथ ही आरबीएस रावत को अध्यक्ष बनाया गया। 2016 में आयोग ने पहली बड़ी परीक्षा वीपीडीओ भर्ती की कराई थी, जिसमें गड़बड़ी सामने आई।
विवाद बढ़ा तो सरकार के दबाव में अध्यक्ष आरबीएस रावत ने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राजधानी के एक होटल में प्रेस वार्ता कर बाकायदा अपने इस्तीफे की जानकारी दी। बावजूद इसके अध्यक्ष की कुर्सी पर वह करीब सात महीने तक जमे रहे।