हरिद्वार जिले के शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम मतदान ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादा वोटिंग प्रतिशत को कांग्रेस प्लस प्वाइंट मानकर चल रही है।
हालांकि देहात में ज्यादा मतदान को भाजपा भी मोदी फैक्टर से जोड़कर देख रही है। जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम मतदान हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र का है।
शहरी क्षेत्र में भाजपा का बड़ा वोट बैंक
आमतौर पर शहरी क्षेत्र में भाजपा का बड़ा वोट बैंक माना जाता है। जिले में हरिद्वार और रुड़की दो शहरी विधानसभा सीट हैं और इन दोनों क्षेत्रों में ही मतदान का प्रतिशत सबसे कम रहा है। जिले में मतदान का औसत प्रतिशत 74.39 है जबकि हरिद्वार में 64.44 और रुड़की में 65.53 प्रतिशत मतदान हुआ।
इससे साफ है कि हरिद्वार शहर में औसतन 10 प्रतिशत और रुड़की में नौ प्रतिशत कम मतदान हुआ। हरिद्वार शहर में 88599 मत पड़े हैं। यहां का मतदान जिले के औसत मतदान जितना होता तो यहां पर करीब नौ हजार वोट और पड़ते।
भाजपा की चिंता ज्यादा
घर से नहीं निकलने वाले यह करीब नौ हजार वोटर भाजपा-कांग्रेस में से किसके थे, यह अनुमान तो नहीं लगाया जा सकता लेकिन शहरी वोटर पर कांग्रेस से ज्यादा भाजपा हक जताती है तो चिंता भी उसकी ही ज्यादा होगी।
रुड़की में 70876 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिले के औसत का हिसाब लगाए तो यहां पर भी करीब छह हजार मतदाता कम आए। भेल-रानीपुर क्षेत्र में भी मतदान प्रतिशत 69.59 रहा।
इसके उलट ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया। लक्सर और ज्वालापुर विधानसभा में मतदान प्रतिशत 80 को पार कर गया। मंगलौर को छोड़ दें तो जिले की सभी ग्रामीण सीटों पर मतदान का प्रतिशत जिले के औसत प्रतिशत से ज्यादा है।
क्या कहती है भाजपा
शहर में कम मतदान नहीं हुआ। पिछले सालों के मुकाबले मत प्रतिशत बढ़ा है। भाजपा का वोटर देहात में भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोदी लहर थी। मोदी लहर के चलते ही देहात में ज्यादा वोट प्रतिशत रहा। इसका लाभ भाजपा को मिलेगा।
-प्रवीण कुमार, जिला मीडिया प्रभारी भाजपा।