राजधानी देहरादून में दूसरे दिन बूथों पर बीएलओ तो मिले लेकिन कुछ बूथों पर मतदाता बनाने वाले फार्म छह नहीं मिले। इस वजह से लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
जिलाधिकारी का कहना है कि कई स्थानों पर एक व्यक्ति द्वारा तीन-चार फार्म लेने से यह स्थिति बनी। यदि कोई चाहे तो फार्म की फोटो कॉपी कराकर जमा कर सकता है। आगे फार्म की कमी न रहे इसके लिए 50 हजार फार्म छपवाए जा रहे हैं।
दो दिन और करा सकते हैं
जिले में मतदाता बनाने का अभियान मंगलवार और बुधवार को भी चलाया जाएगा। नया वोटर बनने, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और संशोधित कराने का कार्य लोग दो दिन और करा सकते हैं। इसके लिए लोगों को अपने नजदीकी पोलिंग बूथ पर जाना होगा।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और वोटर आई कार्ड बनवाने के लिए सोमवार को भी विभिन्न बूथों पर लोगों की अच्छी खासी संख्या देखी गई। वार्ड 53 मोहित नगर में सुबह 11 बजे लोग शिवालिक पब्लिक स्कूल पहुंच गए। यहां फार्म छह नहीं मिलने से कई लोगों को लौटना पड़ा। दोपहर एक बजे सीएनआई गर्ल्स इंटर कालेज में भी यही हाल था।
गुस्से का सामना करना पड़ा
तिलक रोड स्थिति केंद्र में भी इसी तरह की शिकायतें थीं। फार्म छह नहीं होने से बीएलओ को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बन्नू स्कूल और एमकेपी इंटर कालेज में रविवार के मुकाबले लोगों की संख्या कम दिखी। मसूरी में उपजिलाधिकारी रामजीशरण शर्मा को बूथों के निरीक्षण के दौरान जाफर हाल बूथ पर बीएलओ आरिफ मोहम्मद नदारद मिले। एसडीएम ने कहा कि बीएलओ को निलंबित कर दिया गया है।
बीएलओ भी घूमते रहे फार्म छह के लिए
राजधानी में विभिन्न बूथों पर बीएलओं के पास रविवार के बचे फार्म ही उपलब्ध थे, जो जल्द ही खत्म हो गए। ऐसे में बीएलओ बार-बार फार्म उपलब्ध कराने के लिए कहते रहे लेकिन फार्म दोपहर एक बजे तक ही उनके पास पहुंच पाए। ऐसे में बीएलओ और सुपरवाइजर फार्म के लिए तहसील के चक्कर काटते नजर आए।
बीएलओ के निलंबन पर भड़का शिक्षक संघ
राजधानी में रविवार को बीएलओ ड्यूटी में लगे कुछ शिक्षकों के निलंबन पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने नाराजी जताई है। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली ने डीएम से मिलकर शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से हटाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि शासन ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखने का जीओ जारी किया है, इसके बावजूद इस काम में शिक्षकों को लगाया गया है। कहा कि निलंबित बीएलओ को बहाल कर उन्हें इस काम से हटाया जाए।
संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि डीएम ने आश्वासन दिया है कि किसी भी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। डीएम से मिलने वालों में राजेंद्र सिंह गुसांई, प्रकाश डबराल, चंद्रप्रकाश पाल, सुभाष कुकरेती आदि शामिल थे।