फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मतदाता सूची : जो वोट डालने गए थे उनके नाम नहीं, जिनके नाम थे वह आए नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
I पहचान पत्र लेकर बूथ पर खड़े रहे मतदाता, नहीं डाल पाए अपना वोट
विज्ञापन

I

I मतदाता सूची में गलतियों की भरमार, पूर्व सीएम हरीश रावत सहित कई नेताओं के नाम निकाय मतदाता सूची से गायबI
Iनिकाय मतदाता सूची में खामियों का खामियाजा मतदाताओं को उठाना पड़ा। बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम मतदाता सूची से गायब मिले, वहीं बड़ी संख्या ऐसे लोगों की रही जिनके नाम मतदाता सूची में थे, लेकिन वह मतदान करने नहीं गए। नतीजा कम वोट प्रतिशत के रूप में सामने आया। इसके अलावा भी वोटिंग प्रतिशत गिरने के कई कारण रहे। किसी के नाम में गलतियां मिलीं, तो किसी को स्त्री से पुरुष बना दिया गया, यही नहीं बड़ी संख्या में लोगों के वोट ही काट दिए गए। नतीजतन लोग बूथों पर मतदाता पहचान पत्र लिए वोट डालने के लिए लाइन में लगे रहे, लेकिन जब उनका नंबर आया तो उनको बिना वोट डाले मायूस लौटना पड़ा। इसको लेकर कई बूथों पर पीठासीन अधिकारियों के साथ बहस भी होती नजर आई।I
Iलोकसभा चुनाव में मतदाता सूची में बड़ी गलतियां देखने को मिली थी, लेकिन निकाय चुनाव में भी प्रशासन ने इससे सीख नहीं ली। चुनाव निपटने के बाद निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई थी और मतदाता सूची का पुनरीक्षण शुरू हो गया था। बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया और सूची फाइनल कर मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन किया गया तो मतदाता सूची पर ही सवाल उठ गए। मामले की शिकायत पूर्व डीएम सोनिका से की गई तो दोबारा फिर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया गया और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। बृहस्पतिवार को हुए मतदान के दौरान गलतियां देखने को मिली।I
विज्ञापन

Iबूथों पर उत्साह से पहुंचे, सूची में नाम नहीं होने से लौटे मायूसI
Iसहस्त्रधारा रोड के वार्ड-5 टचवुड स्कूल के मतदान केंद्र में मेजर संतोष भंडारी (सेवानिवृत्त) ने बताया, सूची में नाम गायब होने से वह वोट नहीं कर पाईं। डालनवाला के वार्ड-47 में स्थानीय निवासी शीतांशु, शिवम और बसंती देवी ने बताया कि नाम गायब होने से वह वोट नहीं कर पाए। हरभजवाला वार्ड के बूथ नंबर 690 पर एक बुजुर्ग ने कई चक्कर काटे, लेकिन उनकी वोट नहीं मिली। सुनील चौहान चुक्कखुवाला निवासी का लोकसभा में वोट है, लेकिन वह अपने बूथ पर बूथ डालने के लिए पहुंचा तो मतदाता सूची में उसका वोट नहीं मिल पाया, 88 वर्षीय महिषानंद बौडाई व उनकी पत्नी सरस्वती देवी निवासी बालावाला, गोविंदगढ़ निवासी आशीष श्रीवास्तव। आशीष निवासी विजय पार्क एक्सटेंशन लेन नंबर तीन, वार्ड-92 में नीलम त्यागी राघव विहार फेस-टू का नाम वोट नहीं मिला। वार्ड 31 कौलागढ़ में बूथ संख्या 210 पर मतदाता सूची में कई मतदाताओं का नाम गलत था।
I
Iकई जगह बहस के बाद डलवाए गए वोटI
Iमतदान बूथ पर अपना वोटर आइडी कार्ड लेकर पहुंचे लोगों ने पीठासीन अधिकारी के साथ बहस की, जिसके बाद उनका वोट डलवाया गया। वार्ड-31 की आराध्य आर्य का वोटर लिस्ट में नाम भावना प्रकाशित था जबकि पिता का नाम सही था। वोट डालने के लिए इस बूथ पर करीब आधा घंटे तक बहस होती रही तब जाकर उन्हें चैलेंज वोट डालने दिया गया। जबकि मीनू, कुसुम, महिलाओं के साथ ही बुजुर्ग अनीता मोगा (62) समेत अन्य कई लोग थे जिनका नाम सूची में गलत था। अनीता की जगह उनका नाम सूची में अनिल था और पति का नाम भी गलत था। इस कारण वह वोट नहीं डाल सके।I
विज्ञापन

I
I
I-
I
Iदिव्यांग पहुंचा बूथ, लेकिन नाम मिला गलत, लौटा मायूस
I
I
I
Iउत्साह के साथ दिव्यांग बिंदेश्वर ट्राइसाइकिल पर उत्साह के साथ अपना वोट पहली बार डालने के लिए बूथ पर पहुंचा, लेकिन मतदाता सूची में उसका नाम गलत मिला। मतदाता सूची में उसका नाम राकेश मिला, हालांकि उनके पिता का नाम सही थी, लेकिन उनको वोट डालने नहीं दिया गया, जिसके बाद वह पहली बार वोट डालने से चूक गया और मायूस होकर उसको लौटना पड़ा। इसके अलावा पहली बार अपना वोट डालने के लिए पहुंची महक धीमान का नाम मतदाता सूची में मयंक कर दिया गया, साथ ही उसको स्त्री से पुरुष लिखा दर्शाया गया है। जिसके चलते मायूस होकर वह भी लौट गई।I
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें