नए वोटर बनाने और वोटर लिस्ट में शुद्दीकरण का अभियान जिले में एक हफ्ते और चलाया जाएगा। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविनाथ रमन ने अभियान में शिथिलता को गंभीर मानते हुए लापरवाही बरतने वाले बीएलओ को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं।
भारत चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन विभाग द्वारा नए वोटर बनाने और वोटर लिस्ट को त्रुटि रहित बनाने के लिए एक से 20 जुलाई तक अभियान चलाया गया। अभियान के तहत बीएलओ को डोर टू डोर जाकर वोटर लिस्ट अपडेट करनी थी। लेकिन अभियान की तय समय सीमा पर भी कई जगह बीएलओ के घर-घर न पहुंच पानी की शिकायत मिल रही थी।
कई पात्र लोग वोटर बनने से वंचित
अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता लगा कि कई पात्र नागरिक अब भी वोटर बनने से वंचित रह गए हैं। कई वोटरों के नाम पते में संशोधन भी नहीं हो पाया है। अमर उजाला ने पड़ताल करते हुए 20 जुलाई के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविनाथ रमन ने बीएलओ की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपने स्तर से इस अभियान को जिले में एक हफ्ते और चलाने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह ने बताया कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर की कटिंग जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को भेज दी गई हैं।
उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि एक-एक बीएलओ के घर-घर पहुंचने का पूरा हिसाब प्रस्तुत करें। जिन बीएलओ ने 60 फीसदी से कम घरों को कवर किया है, उनको प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिन बीएलओ ने 80 प्रतिशत से कम काम किया है, उनसे स्पष्टीकरण लेकर तत्काल सस्पेंड किया जाएगा।