अगर आप किराएदार हैं तो वोटर बनने में कोई दिक्कत नहीं है। आप वोटर बन सकते हैं।
फॉर्म नंबर सात भरें
इसके लिए आपको फॉर्म नंबर सात भरना पड़ेगा। जिस जिले या स्थान की वोटर लिस्ट में आपका नाम है, वहां जाकर फॉर्म सात जमा कर दीजिए। वहां से आप का नाम कट जाएगा। जो रसीद मिले उसे फॉर्म छह के साथ लगाकर जहां आप रह रहे हैं वहां के बीएलओ को दे दीजिये।
ऐसे वहां की सूची में आपका नाम आ जाएगा। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक व्यक्ति को वहीं वोट डालना चाहिए, जहां वह रहता है। इसी वजह से आयोग ने फॉर्म सात की व्यवस्था की है।
चुनाव आयोग की मंशा पूरी
किराएदार, हॉस्टलों में रह रहे छात्र-छात्राएं और वे लोग जिन्होंने किसी काम की वजह से अपना मूल निवास छोड़कर कहीं और निवास बनाया है, इस व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं। इससे चुनाव आयोग की मंशा भी पूरी हो जाएगी।
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अमर उजाला के देहरादून ऑफिस में आइए वोटर बनें अभियान की हेल्प लाइन के नंबर पर गुरुवार को अधिकांश फोन किराएदारों के आए। वे वोटर लिस्ट में शामिल होने की प्रक्रिया जानना चाहते थे।
यह प्रक्रिया आसान है। बस किराए पर रह रहे लोगों को दूसरी जगह की वोटर लिस्ट से अपना नाम कटवाना पड़ेगा। दो जगह की वोटर लिस्ट में नाम होना निर्वाचन आयोग ने अपराध माना है।
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