उत्तराखंड में कौन सरताज, यह फैसला शनिवार को आ जाएगा। विधानसभा की 70 सीटों के परिणाम दोपहर 12 बजे आ जाने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही करीब सवा 49 लाख मतदाताओं के मन की बात सामने होगी और एग्जिट पोल, नेताओं के दावों-प्रतिदावों की हकीकत भी सामने आ जाएगी।
रिजल्ट सामने आते ही यह भी तय हो जाएगा कि अबकी किसकी होली रंगीन तो किसकी फीकी होगी। लोकतंत्र के इस महापर्व को क्लाइमेक्स तक पहुंचाने के लिए निर्वाचन आयोग ने मतगणना की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रदेश के 15 मतगणना स्थलों पर पुलिस व सुरक्षा बलों के कड़े पहरे के बीच वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से आरंभ हो जाएगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी और इसके आधे घंटे बाद ईवीएम के वोटों की काउंटिंग शुरू हो जाएगी। पहले राउंड का रुझान सुबह नौ बजे तक आएगा और दोपहर 12 बजे तक चुनाव की तस्वीर साफ हो जाने की संभावना है।
इस चुनाव में मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल महाराज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय समेत कई कैबिनेट मंत्रियों व कद्दावर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। जीत-हार का असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सिपाहसालार अमित शाह की छवि पर भी पड़ना तय है।
इतने मतदाताओं ने डाला वोट
- फोटो : amar ujala
चुनाव में 49.24 लाख ने डाला वोट
चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों का भाग्य 49.24 लाख मतदाताओं के मतों से तय होगा। प्रदेश में 75 लाख 12 हजार मतदाताओं में से 4924151 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहले 69 सीटों के लिए 15 फरवरी को मतदान हुआ। इसमें 48 लाख 70 हजार 879 मतदाताओं ने वोट किया। उसके बाद नौ मार्च को कर्णप्रयाग विस में वोट पड़े, जहां 53272 मतदाताओं ने वोट डाला।
70 सीटों पर हैं 637 प्रत्याशी
शनिवार को सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़े 34 राजनीतिक दलों के कुल 637 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। इनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा समेत कुल छह राष्ट्रीय, चार क्षेत्रीय व 24 गैर मान्यता प्राप्त दल हैं। 62 महिला प्रत्याशी भी मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस ने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि बसपा ने लैंसडौन को छोड़कर 69 सीटों पर ताल ठोकी है। यूकेडी ने 56 और सपा ने 20 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
15 मतगणना केंद्र, 864 काउंटिंग टेबल
निर्वाचन विभाग ने मतगणना की पूरी तैयारी कर ली है। सभी 13 जनपदों में कुल 15 मतगणना केंद्र बनाए गए है। उत्तरकाशी में राजकीय कीर्ति इंटर कालेज भवन, चमोली में राजकीय बालिका इंटर कालेज भवन गोपेश्वर, रूद्रप्रयाग में बहुउद्देशीय क्रीड़ा भवन अगस्त्यमुनि, टिहरी में राजकीय आईटीआई भवन, नई टिहरी, देहरादून में स्पोर्ट्स कालेज रायपुर, हरिद्वार में दो मतगणना केंद्र कलक्ट्रेट भवन रोशनाबाद तथा विकास भवन रोशनाबाद, पौड़ी में राजकीय इंटर कालेज पौड़ी, पिथौरागढ़ में राजकीय पीजी कॉलेज भवन, बागेश्वर में पंडित बद्रीदत्त पांडे पीजी कालेज भवन, अल्मोड़ा में राजकीय होटल मैनेजमेंट एवं कैटरिंग संस्थान चिलकापिटा अल्मोड़ा, चंपावत में दो मतगणना केंद्र वन पंचायत हॉल तथा रैन बसेरा हॉल, नैनीताल में एमबीपी गर्ल्स कालेज भवन हल्द्वानी, ऊधमसिंहनगर में न्यू मंडी समिति, बगवाड़ा रुद्रपुर मतगणना केंद्र होंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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मतगणना स्थल पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सीआरपीएफ की 10 व पीएसी की 14 कंपनियां, तीन हजार कांस्टेबल, 350 हेड कांस्टेबल, 550 सब इंस्पेक्टर, 50 इंस्पेक्टर व 30 राजपत्रित पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई जाएगी।
तय होगा दिग्गजों का भाग्य
चुनाव मैदान में उतरे कई दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला होना है। इनमें किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण से मुख्यमंत्री हरीश रावत का नतीजा उनके राजनीतिक करियर की दिशा तय करेगा तो मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम सिंह, दिनेश अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रीतम पंवार, राजेंद्र भंडारी, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, उपाध्यक्ष अनसुया प्रसाद मैखुरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई दिग्गजों का भाग्य भी तय होना है।
सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को मतगणना प्रक्रिया आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्व सुचारू एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
- राधा रतूड़ी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी
मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को चौकस रहने को कहा गया है।
- दीपम सेठ, आईजी, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी