दून से दिल्ली व नैनीताल के सफर को आरामदायक बनाने के लिए 10 वॉल्वो बस आईएसबीटी पहुंच चुकी हैं।
सभी बसों का रजिस्ट्रेशन आरटीओ कार्यालय में होना है। अधिकारियों के अनुसार 15 अप्रैल से बस संचालित होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी छह बसें और आनी बाकी हैं।
नई बसें पिछली वॉल्वो बसों के मुकाबले ज्यादा आरामदायक बताई जा रही हैं। प्रत्येक बस की कीमत लगभग एक करोड़ 18 लाख रुपये बताई जा रही है। नई बसें आने से अब लोगों की दून से नैनीताल के लिए वॉल्वो बसों के संचालन की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो जाएगी।
वहीं, दिल्ली रूट पर 10 बसों को बढ़ाया जाना है। कुछ बसें हल्द्वानी से दिल्ली के लिए भी चल सकती हैं। महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने बताया कि नई बसों का पंजीकरण होते ही इन्हें सड़कों पर उतार दिया जाएगा। दून से नैनीताल के लिए रात्रि बस सेवा होगी।
शीशे काले न होने से कूलिंग कम
बसों के शीशे काले न होने से कूलिंग में दिक्कत आ रही है। बसों को पहले छांव में खड़ाकर एसी से ठंडा किया जा रहा है। क्योंकि एसी पूरी क्षमता से तभी चलता है जब बस के अंदर अल्ट्रा वायलेट किरणें कम आएं। लेकिन काले शीशे न होने के कारण बसों में ये दिक्कत शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि पहले बसों में शीशे काले होते थे तो जल्दी बस के अंदर कूलिंग हो जाती थी।
कटरा के लिए वॉल्वो बंद
कटरा के लिए वॉल्वो बस सेवा महज एक माह में बंद कर दी गई है। वॉल्वो के स्थान पर अब अनुबंधित बस का संचालन कटरा के लिए किया जा रहा है। इससे कई यात्रियों को लंबे सफर में दिक्कत हो रही है।
उत्तराखंड परिवहन निगम की वॉल्वो बस काफी पसंद की जा रही थी। लेकिन अचानक बसों का संचालन बंद कर दिया गया। जीएम संचालन दीपक जैन का कहना है कि जो नई वॉल्वो बसें आई हैं, उन्हें कटरा भेजा जा सकता है।
चालक का होगा एल्कोहल टेस्ट
चालक के शराब पीकर बस में सो जाने के मामले को मुख्यमंत्री ने भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे चालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाने को कहा।
इस पर रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि, मुख्यालय एल्कोहल मीटर खरीद रहा है। उसके बाद रात को जो भी बस गंतव्य के लिए रवाना होगी, उसके चालक का परीक्षण होगा।