अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि विश्व रंग महोत्सव अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का प्रभावशाली मंच है। इसके साथ महोत्सव भारतीय संस्कृति की कालजयी चेतना, साहित्य और कला की वैश्विक प्रतिष्ठा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उभर रही समकालीन सांस्कृतिक दृष्टि का प्रतिबिंब है।
रविवार को भोपाल के रविंद्र भवन में विश्व रंग–2025 टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव के समापन पर उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की मानवीय दृष्टि व भारतीय काव्य परंपरा की गहनता ने विश्व रंग को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का प्रभावशाली मंच बनाया है। इस महोत्सव में 50 से अधिक देशों की सहभागिता रही, जिससे भारत के बढ़ते वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव का संकेत मिलता है। समापन सत्र में कुलाधिपति, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय संतोष चौबे , डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, डॉ. अदिति चतुर्वेदी, प्रो. पीके घोष, डॉ. समित तिवारी, श्री मार्को जोली व रामा तक्षक मौजूद रहे।