बेस के चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे देहरादून रेफर कर दिया, जहां 27 जुलाई की रात उपचार के दौरान प्रिया ने दम तोड़ दिया।
प्रिया की मौत से अब गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले एक माह से पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग अवरुद्ध होने से हापला घाटी में वायरल फीवर से पीड़ित ग्रामीण जिला अस्पताल भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ग्राम प्रधान हुकम सिंह, बलवंत सिंह, राजबर सिंह, जवहारी लाल और गोपाल सिंह ने जिला प्रशासन से गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
कलसिर गांव में वायरल फीवर फैलने की कोई सूचना नहीं मिली है। मैं मंगलवार को स्वयं चिकित्सकों की टीम के साथ प्रभावित गांव जाऊंगा। सीएचसी पोखरी से भी मामले की जानकारी ली जा रही है। ग्रामीणों को गांव में ही निशुल्क उपचार व दवाईयां वितरित की जाएगी।
डा. अजीत गैरोला, सीएमओ, चमोली।
बच्चे खसरे की चपेट में
जोशीमठ ब्लॉक के दाणमी गांव में करीब पंद्रह बच्चे खसरे की चपेट में हैं। इनमें से छह बच्चों को जिला अस्पताल और चार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ में भर्ती कराया गया चल रहा है।
पांच बच्चे गांव में पीड़ित बताए गए हैं। सीएमओ ने कहा कि मंगलवार को दाणमी गांव में चिकित्सकों की टीम भेजी जाएगी। क्षेत्र में निशुल्क दवाई का वितरण भी किया जाएगा।
वायरल फीवर की चपेट में लोग
मौसम के बदलता मिजाज आमजन के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। कई दिनों से रात के समय हो रही तेज बारिश से दूषित पेयजल सप्लाई से लोग वायरल फीवर सहित कई रोगों से पीड़ित हैं।
सीएचसी कर्णप्रयाग में आठ दिन में ओपीडी में 100 से 140 तक मरीज पहुंच रहे हैं जिसमें अधिकांश लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा. राजीव शर्मा ने लोगों को बरसाती सीजन में खास एहतियात बरतने को कहा है। उन्होंने उबला पानी, ताजा गर्म भोजन के साथ ही स्वास्थ्य समस्या होने पर चिकित्सक परामर्श की सलाह दी है।
सात वर्षीय बच्ची की मौत
उत्तराखंड में गढ़वाल मंडल के हापला घाटी के कलसिर गांव में वायरल फीवर से एक सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई।
जबकि गांव के करीब तीन सौ ग्रामीण वायरल की चपेट में हैं। पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग के एक माह से अवरुद्ध होने से पीड़ित अस्पताल भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक इससे बेखबर बने हुए हैं।
बताया जाता है कि बीती 23 जुलाई से गांव के धीरेंद्र सिंह राणा की सात वर्षीय पुत्री प्रिया अन्य ग्रामीणों की तरह बुखार से तप रही थी।
परिजन 24 जुलाई को उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी ले गए, लेकिन डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रिया को बेस अस्पताल श्रीकोट (श्रीनगर) रेफर कर दिया।