शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन
इसमें केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल ने स्वीकार किया कि सीयूईटी सभी केंद्रीय विवि के लिए बाध्यता नहीं है। प्रवेश में विवि को पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त है। जनहित याचिका में कहा गया था कि सीयूईटी से एडमिशन की बाध्यता से संविधान के आर्टिकल 14 समानता के अधिकार एवं आर्टिकल 21 शिक्षा का अधिकार का उल्लंघन होता है।
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डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की स्वीकारोक्ति सिद्ध करती है कि विवि को प्रवेश के संबंध में स्वायत्तता है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय सीयूईटी से प्रवेश देने के लिए बाध्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी यूजीसी को पत्र भेजकर गढ़वाल समेत 10 केंद्रीय विवि को जागरूकता और साधनों के अभाव के कारण सीयूईटी की बाध्यता से मुक्त रखने के लिए कहा था। यूजीसी ने इस पर कोई कार्रवाई ही नहीं की।