संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन और एचसीएल के पूर्व सीईओ विनीत नायर ने एक प्रेरक कहानी के जरिये उत्तराखंड राज्य के औद्योगिक विकास के लिए तीन मंत्र दिए।
उनका कहना है कि साहसिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म के साथ आईटी सेक्टर में उत्तराखंड को एक नई पहचान दिलाने की बहुत संभावनाएं हैं। लेकिन इसके लिए बड़ी सोच, नवाचार और शिक्षा-प्रशिक्षण पर फोकस करने की जरूरत है।
सोमवार को सरोवर पोर्टिको होटल में ‘उत्तराखंड उदय-अमर उजाला संवाद’ के उद्घाटन संबोधन में विनीत नायर ने जूडो खेल में चीन के एक दिव्यांग युवक की कामयाबी पर आधारित कहानी के माध्यम से उत्तराखंड राज्य के विकास में बड़ी सोच रखने की नसीहत दी।
बताया कि इसी सोच के साथ संपर्क फाउंडेशन ने प्रदेश के 12 हजार 500 स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी और गणित पढ़ाने का बीड़ा उठाया है। इस तरह की बड़ी सोच राज्य के युवाओं के साथ सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को रखनी होगी।
कहा कि स्विट्जरलैंड, कैलिफोर्निया जैसे छोटे देशों की तरह उत्तराखंड भी मेडिकल टूरिज्म, आईटी के क्षेत्र में विश्व का ग्लोबल कैपिटल सेंटर बन सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए मेडिकल टूरिज्म को शत प्रतिशत एक्सपोर्ट पर फोकस कर जीरो टैक्स की सुविधा उपलब्ध करानी होगी।