ठोस बात कोई नहीं, एनकाउंटर की साहसिक कहानियां कटघरे में
हमला करने वाले दोनों आरोपियों को हरिद्वार पुलिस ने अगले दिन गिरफ्तार करने का दावा किया। उत्तराखंड में इस तरह के गिने चुने मामले ही हैं। घटना बेहद दुस्साहसिक और बीते दो वर्षों से चले आ रहे एनकाउंटरों में पुलिस के साहस की कहानियों को कटघरे में खड़ा कर गई। हमलावर पकड़े गए बताया गया कि इनका विनय त्यागी से पैसों का लेनदेन का विवाद चल रहा था। बस इतनी सी बात प्रेसनोट में लिखी लेकिन उनके इस विवाद की कोई ठोस कहानी पुलिस नहीं बता पाई। बताया गया कि ये दोनों हमलावर विनय त्यागी के साथ कई अपराधों में शामिल रहे हैं।
क्या तमंचों से चंद सेकेंड में चला दी तीन गोलियां
हमलावरों के पास से दो तमंचे बरामद हुए। तमंचे में एक ही गोली भरी जा सकती है। हमलावर मोटरसाइकिल से आए थे। इनमें से पीछे बैठे हमलावर ने गोली चलाई। जाहिर है अगर दो तमंचे दोनों हाथों में भी होंगे तो दो गोलियां चला दीं। इसके बाद एक तमंचा तो लोड किया ही होगा। इसमें पांच-सात सेकेंड का समय तो लगा ही होगा फिर भी पुलिसकर्मियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोड भी नहीं हुआ तो तीन तमंचे हो सकते हैं कि एक लोडेड तमंचा जेब से निकाला और फिर गोली चलाई। ऐसे में तीसरा तमंचा न तो घटनास्थल पर मिला और न ही इन दोनों के पास से।
सितंबर से लेकर अब तक के पूरे प्रकरण में दोनों जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। गोली चलाने के मामले की जांच जारी है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच में उसे भी शामिल किया जाएगा। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल