वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि जब विधायक की मां को डोली पर बैठाकर लाया जा रहा है तो आम आदमी को बीमार होने पर कैसे लाया जाता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
कहा कि आज भी ओखलकांडा के कई गांवों के ग्रामीण बिना मोटर मार्गों के कई किमी पैदल चलने को मजबूर हैं और बीमार होने पर उन्हें डोली, चारपाई और कंधों पर बैठाकर लाना पड़ता है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि भीमताल विधानसभा में रहे कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने अपना विकास तो किया, लेकिन पहाड़ की ओर कोई ध्यान नहीं दिया, इसका खामियाजा स्थानीय जनता को उठाना पड़ रहा है।