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अराजक हो गए राजाजी के 'रखवाले'

Sun, 18 Aug 2013 02:01 PM IST
देहरादून/प्रेम प्रताप सिंह
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राजाजी के रखवाले ही राजाजी के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं। दिन ब दिन राजाजी में अराजक घटनाएं घट रही हैं लेकिन इसकी रोकथाम करने वाला कोई नहीं दिखता।
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खांड़ गांव विस्थापन के नाम पर राजाजी पार्क में एक और घोटाला सामने आया है। बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए गांव के 32 परिवारों को लालपानी में आवासीय जमीन आवंटित नहीं की गई।

सरकारी जमीन पर दो अतिरिक्त सड़क
यही नहीं, बिल्डरों के लिए लालपानी के मानचित्र में फेरबदल कर सरकारी जमीन पर दो अतिरिक्त सड़कें भी निकाल दी गई हैं। हैरत की बात यह है संज्ञान में आने के बावजूद शासन और वन विभाग इस मसले पर चुप्पी साधे हुए है।
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हाथियों के लिए चीला-मोतीचूर कॉरिडोर बनाने के लिए खाड़ गांव का विस्थापन ऋषिकेश के लालपानी में किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं।

रजिस्ट्री अब तक नहीं
पार्क प्रशासन ने ग्रामीणों की 200 वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री अब तक नहीं कराई है। यानी खांड़ गांव से ग्रामीणों की जमीन न तो ली गई और न ही उन्हें बदले में लाल पानी में जमीन दी गई।

यह पूरा तानाबाना कुछ बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए राजाजी के अफसरों ने बुना। इसके तहत एमओयू से 200 वर्ग मीटर जमीन की जानकारी दस्तावेज से काट दी गई।

कारनामे से कॉरिडोर का सपना चूर
उधर, राजाजी के अफसरों के इस कारनामे से कॉरिडोर का सपना अधूरा रह जाएगा। वजह कि ग्रामीण संबंधित जमीन छोड़ेंगे नहीं।

सूत्रों का कहना है कि इस खेल में वन विभाग और शासन तक के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत है। यही वजह है कि खांड़ गांव के प्रधान बेताल सिंह नेगी के प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव और मुख्यमंत्री तक से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

राजाजी में ‘अराजकता’
-बेरीवाड़ा में हजारों हरे पेड़ों का अवैध कटान
-चीलावाली रेंजर ने आरटीआई कार्यकर्ता को पीटा
-पार्क के गौहरी रेंज में रिजार्ट बनाने की संस्तुति
-गौहरी रेंज में जवान बाघ का अवैध शिकार
-बिल्डरों के लिए लाल पानी में मानचित्र बदला
-पार्क के भीतर ट्रेन से कटकर तीन हाथी की मौत
(नोट: ये घटनाएं जनवरी से अगस्त 2013 के बीच की हैं)

राजाजी में चल रही मनमानी
प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसएस शर्मा ने पार्क के वन्यजीव प्रतिपालक पुनर्वास नरेश चंद्र गोयल को तत्काल चार्ज से हटाने का आदेश 15 दिन पहले किया था, लेकिन पार्क अधिकारियों ने अब तक यह कार्रवाई नहीं की है।
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शनिवार को शर्मा ने पार्क निदेशक एसपी सुबुद्धि को रिमाइंडर भेज वन्यजीव प्रतिपालक वीके सिंह को चार्ज देने का आदेश दिया है।

इनकी भी सुनिए
यह प्रकरण मेरे संज्ञान में आया है। जांच मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव धनंजय मोहन को सौंपी जा रही है। पार्क प्रशासन की ओर से जो भी आवंटन किया गया है, उसे तत्काल स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।
-एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव
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