इस बीच चौंरा गांव के ही ग्रामीण जगदीश सिंह धपोला 45 पुत्र लक्ष्मण सिंह ने रस्सी से तेंदुए को बांधने का प्रयास किया तो तेंदुए ने जगदीश पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। मौके पर चीख पुकार मच गई। तेंदुए ने पहले उनका हाथ और फिर उनका पैर अपने जबड़े में दबा लिया। साथ के लोगों ने बमुश्किल उन्हें तेंदुए से बचाया।
घायल जगदीश को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। जगदीश के हाथ व पैर में 80 टांके लगे हैं। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि शिकार को लेकर किसी दूसरे तेंदुए से संघर्ष में यह तेंदुआ घायल हुआ होगा। तेंदुए की कमर तथा पिछले पैर में जख्म है।
डौला में तेंदुए ने बकरियों को मारा
बागेश्वर में ही कपकोट तहसील के डौला गांव में तेंदुए ने ग्रामीण दलीप सिंह की आधा दर्जन से अधिक बकरियों को मार डाला है। जिला पंचायत सदस्य भागीरथी देवी ने प्रशासन को घटना की सूचना दे दी है।
रामनगर (नैनीताल) में कोसी रेंज के परेवा बीट में बाघ ने तेंदुए के बच्चे को मार डाला। मंगलवार को गश्त के दौरान वन कर्मियों को तेंदुए के बच्चे का शव मिला। पशु चिकित्सकों ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम किया और बाद में शव को जला दिया। डीएफओ नेहा वर्मा ने बताया कि तेंदुए के बच्चे का पिछला हिस्सा बाघ ने खाकर मार डाला।
रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ ने बताया कि दो सितंबर को अपराह्न तीन बजे परेवा बीट संख्या दो में वन कर्मियों को गश्त के दौरान तेंदुए के बच्चे का शव मिला। रामनगर वन परिसर स्थित कार्यशाला में शव का पशु चिकित्साधिकारियों ने परीक्षण किया।
मृत तेंदुए के बच्चे के सभी अंग (जैसे नाखून, दांत, खाल, हड्डी और बाल) सुरक्षित पाए गए। इसके बाद दो पशु चिकित्साधिकारियों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। बताया कि तेंदुए के बच्चे की उम्र तीन से चार माह के बीच की होगी। पोस्टमार्टम के बाद शव को विच्छेदित कर जला दिया गया।