विधायक ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और गाली-गलौज पर उतर आए। इसके बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे विधायक रावत विद्यालय के गेट से सड़क पर पहुंचे ही थे कि तभी पीछे से एक युवक ने पेट्रोल से भरा केन उनके ऊपर छिड़कने की कोशिश की। विधायक के गनर संदीप झिक्वांण और अन्य लोगों ने केन छीनते हुए विधायक को सुरक्षित बचा लिया। आरोपी मौका देख फरार हो गया। इस घटना से वहां अफरातफरी मच गई।
विधायक ने बताया कि वे आरोपी युवक को नहीं जानते हैं, लेकिन इतना कह सकते हैं कि अवैध शराब के धंधे में शामिल लोगों ने ही साजिशन उन पर हमला किया है। क्षेत्र में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार के खिलाफ वह लगातार आवाज उठा रहे हैं, कुछ लोगों को उनकी यह मुहिम रास नहीं आ रही है। इधर, घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने घटना के मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
विधायक मनोज रावत दोपहर बाद गबनी गांव स्थित अपने आवास पर पहुंचे, जहां उनके समर्थकों की भीड़ जुट गई। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक दीपक सिंह भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। विधायक के आवास पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीओ ने बताया कि घटनाक्रम की पूरी सतर्कता के साथ जांच की जा रही है।
जिले के गांवों में जिस प्रकार से शराब का प्रचलन बढ़ रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। शराब माफिया अपने मुनाफे के लिए युवा पीढ़ी को निशाना बनाते हुए दोयम दर्जे की शराब गांवों तक पहुंचा रहे हैं, जिससे माहौल खराब हो रहा है। कब कौन शराबी किस व्यक्ति के साथ गाली-गलौज व मारपीट कर दे, कहा नहीं जा सकता। मैंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाने की मांग की है।
-मनोज रावत, विधायक, केदारनाथ
विधायक के साथ हुई घटना को लेकर एसएसपी से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। विधायक अथवा उनके गनर की तरफ से लिखित शिकायत मिलते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था।