राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के चौड़ीकरण का काम एरा कंपनी ने 2010-11में शुरू किया था। कंपनी ने शुरू में तेजी के साथ काम प्रारंभ कर दिया था। लगभग एक हजार करोड़ का काम वह कर भी चुकी थी, लेकिन इसी बीच चार साल पूर्व नोटबंदी की घोषणा होते ही उड़ान भर रही कंपनी जमीन पर आ गिरी।
उसने बैंकों से जो पैसा हाईवे के लिए लिया था उसको कहीं और निवेश कर दिया और नोटबंदी के बाद बैंकों ने भी एरा को पैसा देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इस कारण 2017 में कंपनी को अपना तामझाम समेटना पड़ा।
मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक राष्ट्रीय राजमार्ग 58 का काम दो एजेंसियों सैम इंडिया बिल्टवेल व राजस्वामा के साथ एग्रीमेंट साइन करने की प्रक्रिया एनएएचआई के दिल्ली मुख्यालय में चल रही है। इसी महीने फाइनल हो जाएगा। सामग्री की समस्या पर भी सरकार के साथ बातचीत चल रही है और वह सहयोग करेगी। अनुबंध से पहले संबंधित एजेंसियां खुद ही साइड सर्वे करा रही हैं। अनुबंध होने के बाद संयुक्त सर्वे किया जाएगा।
- विभव मित्तल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई