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...तो कुंभ तक पूरा हो जाएगा हाईवे चौड़ीकरण का काम, लाखों श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगा छुटकारा

Sat, 09 Nov 2019 02:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal रतनमणी डोभाल, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • दो एजेंसियों ने लिया अधूरे हाईवे को पूरा करने का ठेका
  • एजेंसियों के इंजीनियरों ने हाईवे का सर्वे शुरू किया
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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तो अब मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक 2017 से ठप राष्ट्रीय राजमार्ग 58 का चौड़ीकरण का काम कुंभ 2021 तक पूरा होने की उम्मीद जगी है। इससे कुंभ में आने वाले देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को जाम से जूझने से निजात मिल जाएगी। अभी तक अधूरा हाईवे राज्य सरकार व कुंभ मेला आयोजन की व्यवस्था में लगे अधिकारियों के लिए गले की फांस बना हुआ था।

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वर्ष 2017 में एनएच 58 चौड़ीकरण का काम ठप हो गया था। इसके बाद से सरकार और प्रशासन को लगातार फजीहत झेलनी पड़ रही थी। इसको देखते हुए एनएचएआई ने कुंभ से पूर्व चौड़ीकरण का काम पूरा कराने की राज्य सरकार की इच्छा के मद्देनजर दो नई एजेंसियों को ठेका दिया है।

एक एजेंसी मुजफ्फरनगर से रुड़की तक व दूसरी हरिद्वार से रुड़की तक के अधूरे हाईवे का निर्माण पूरा कराएगी। एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय में अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है और नई एजेंसियों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर तामझाम जुटाना शुरू कर दिया है। हरकी पैड़ी के सामने वीआईपी घाट के पास 2017 से अधर में छोड़े पुलों का निर्माण पूरा करने के लिए मशीनें, बड़ी क्रेन और लोहे के गाडर आदि सामान डाल दिया गया है।
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हाईवे पर हलचल शुरू होने से सबसे अधिक राहत कुंभ मेला प्रशासन को मिली है। एनएचएआई की नई एजेंसियों के इंजीनियर साइड सर्वे का काम कर रहे हैं। पुलों के निर्माण के लिए गंगनहर के अंदर छोड़े गए अधूरे पिलरों की स्थिति का भी परीक्षण कराया जा रहा है। उम्मीद यह है कि इसी महीने एनएचएआई के साथ उनका अनुबंध हो जाएगा। इसलिए उन्होंने प्रथम चरण में मशीनरी जुटाने व सर्वे का काम शुरू किया है। 

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नोटबंदी ले डूबी एरा

राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के चौड़ीकरण का काम एरा कंपनी ने 2010-11में शुरू किया था। कंपनी ने शुरू में तेजी के साथ काम प्रारंभ कर दिया था। लगभग एक हजार करोड़ का काम वह कर भी चुकी थी, लेकिन इसी बीच चार साल पूर्व नोटबंदी की घोषणा होते ही उड़ान भर रही कंपनी जमीन पर आ गिरी।

उसने बैंकों से जो पैसा हाईवे के लिए लिया था उसको कहीं और निवेश कर दिया और नोटबंदी के बाद बैंकों ने भी एरा को पैसा देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इस कारण 2017 में कंपनी को अपना तामझाम समेटना पड़ा।

मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक राष्ट्रीय राजमार्ग 58 का काम दो एजेंसियों सैम इंडिया बिल्टवेल व राजस्वामा के साथ एग्रीमेंट साइन करने की प्रक्रिया एनएएचआई के दिल्ली मुख्यालय में चल रही है। इसी महीने फाइनल हो जाएगा। सामग्री की समस्या पर भी सरकार के साथ बातचीत चल रही है और वह सहयोग करेगी। अनुबंध से पहले संबंधित एजेंसियां खुद ही साइड सर्वे करा रही हैं। अनुबंध होने के बाद संयुक्त सर्वे किया जाएगा।
- विभव मित्तल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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