उत्तराखंड सरकार की अनदेखी के बाद पौड़ी के कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के साकनी छोटी, देवल, गोरण आदि गांवों के ग्रामीण खुद फावड़े-बेलचे उठाकर सड़क बनाने में जुट गए हैं।
कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को गाजे-बाजे के साथ साकनी बड़ी गांव से आगे सड़क निर्माण शुरू किया। एक महीने में चार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आठ मार्च को महिला दिवस पर यह सड़क मातृशक्ति को समर्पित करने का संकल्प लिया गया है।
कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के साकनी छोटी, देवल, गोरण, बेड़गांव सैव, मंझकोट आदि गांवों के लिए चार साल पहले स्वीकृत सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षुब्ध हो ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने का फैसला किया। बुधवार सुबह ग्रामीण कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के नेतृत्व में गाजे-बाजे और औजारों के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने साकनी बड़ी के समीप बरसात में क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक कर आगे सड़क बनाने का काम शुरू दिया। सड़क बनाने के लिए कुछ लोग पत्थर निकालकर उन्हें एकत्रित कर रहे हैं तो महिलाएं पत्थर ढोने का काम कर रही हैं।
वहीं लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि सड़क के निर्माण के लिए नवंबर में 3.72 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी गई है। अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है।