ग्रामीणों द्वारा इसी मंदिर के पास भैरव नाथ के एक अन्य मंदिर के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने आपस में ढाई से तीन लाख रुपया इक्ठ्ठा कर इसका निर्माण कार्य शुरू किया।
पूर्व ग्राम प्रधान मेहरबान सिंह थपलियाल ने बताया कि मंदिर के द्वार के निर्माण की खुदाई की जा रही थी।
खुदाई के दौरान लगभग एक मीटर गहराई में पत्थर के नीचे एक प्राचीन बर्तन में प्राचीन सिक्के रखे मिले। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गढ़वाल मंडल आशीष कुमार ने कहा कि सिक्के दो प्रकार के हैं। चकोर सिक्के सल्तनत काल और गोल सिक्के मुगलकालीन हैं।
सिक्कों के मिलने के बाद से गांव में हड़कंप मच गया
खुदाई में ग्रामीणों को 32 छोटे सिक्के और छह बड़े चौकोर सिक्के, 18 बड़े एवं 273 छोटे गोल सिक्के मिले हैं। सभी सिक्कों का वजन तीन किलो 785 ग्राम है। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने बताया कि सभी सिक्के चांदी के हैं।
सिक्के लेकर डीएम के पास पहुंचे ग्रामीण
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से कठुड में मंदिर की खुदाई के दौरान प्राचीन सिक्के मिलने की चर्चाएं थी। पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम गांव पहुंची, लेकिन टीम के गांव पहुंचने से पहले ही ग्राम प्रधान श्रवण थपलियाल और पूर्व प्रधान मेहरबान थपलियाल कुछ ग्रामीणों के साथ इन सिक्कों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने डीएम सुशील कुमार से मिलकर उन्हें सिक्कों की जानकारी दी।
खुदाई में मिले प्राचीन सिक्कों को पुरातत्व विभाग को सौंप दिया गया है। विभाग की ओर से देखा जाएगा कि यह सिक्के किस समय के हैं। इस पर शोध करने के साथ ही क्षेत्र में अन्य पुरातत्व महत्व की चीजों की संभावना को देखते हुए खुदाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी