फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

12 किमी. पथरीले रास्ते से घायल को स्ट्रेचर से पैदल लाए ग्रामीण

Sat, 20 Feb 2016 10:09 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुनस्यारी (पिथौरागढ़)
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में पातो गांव को देखकर लगता नहीं है कि पहाड़ की हालत कभी सुधर पाएगी। गुरुवार शाम पातो गांव निवासी श्याम सिंह की 42 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी छत से गिरकर घायल हो गई
विज्ञापन


उसे तत्काल अस्पताल लाना जरूरी था, लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने से यह संभव नहीं हो सका। हालांकि, गांव वालों ने पार्वती देवी के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था की। यह स्ट्रेचर पिछले दिनों 108 आपात सेवा की ओर से गांव वालों को उपलब्ध कराया गया था।

इसके बाद घायल पार्वती देवी को लेकर गांव के सभी लोग पातो गांव से रवाना हुए। उनको सड़क तक पहुंचने में 12 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा।

शुक्रवार सुबह नौ बजे पातो से चले गांव के लोग पांच घंटे बाद अपरान्ह दो बजे रोड हेड भापा पहुंचे। चूंकि पार्वती देवी की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी, लिहाजा परिजन उसे लेकर हल्द्वानी रवाना हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तराखंड सीमए ने किया थ एलान

बता दें कि यह वही पातो गांव है, जहां चार मई 2015 को मुख्यमंत्री हरीश रावत हेलीकाप्टर से पहुंचे थे। उन्होंने गांव में ही यह एलान किया था कि पातो गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण होगा और मोटर मार्ग बनने तक पैदल रास्ते की दशा सुधारी जाएगी, लेकिन अब तक न तो मोटर सड़क बनी और न पैदल रास्ता ही सुधरा है।

गांव के लोगों का कहना है कि जब गांव में मुख्यमंत्री के आने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया तो औरों से क्या उम्मीद की जा सकती है। गांव के लोग सरकार के रवैये से नाराज हैं। उनका कहना है कि दुर्भाग्य से जब गांव में कोई बीमार या घायल होता है तो इसी तरह 12 किलोमीटर पैदल ढोकर लाना पड़ता है।

गांव के युवा सामाजिक कार्यकर्ता हरीश दरियाल ने कहा कि गांव के लोगों को पता नहीं कब तक ऐसी विडंबना में जीना होगा। यदि गांव तक सड़क पहुंची होती तो पार्वती देवी को रात ही में अस्पताल ले आते। पैदल रास्ता इतना खराब है कि इसमें रात के समय चलना खतरे से खाली नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें