वे पढ़ी लिखी भले ही कम हों लेकिन उन्हें पता है कि मताधिकार के ‘अस्त्र’ से हालात सुधारे जा सकते हैं। गांव की महिलाओं का यह जज्बा ताजा वोटर लिस्ट में उभर कर सामने आ गया। वोटर बनने में शहर की महिलाओं से अधिक गांव की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
जिला निर्वाचन कार्यालय के महिलाओं को वोटर बनाने के विशेष अभियान में लोगों का ज्यादा ध्यान शहरी क्षेत्रों में ही केंद्रित रहा था। लेकिन गांव की महिलाओं ने खुद आगे बढ़कर इसमें भागीदारी निभाई है।
वोटर बनने के लिए बीएलओ उनके दरवाजे भले ही न गए हों लेकिन वे खुद चौका-चूल्हा का काम निपटाने के बाद तहसील आ गईं और फार्म छह भरकर दिया।
महिलाओं की संख्या अधिक
लिस्ट में जो नए नाम जोड़े गए हैं, उनमें पुरुषों से महिलाओं की संख्या अधिक है। लेकिन ये महिलाएं शहर की नहीं हैं। इनमें ज्यादा संख्या ग्रामीण अंचलों की महिलाओं की है। हाई प्रोफाइल क्षेत्रों की महिलाएं इसमें पिछड़ी रही हैं।
राजपुर रोड, कैंट और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के नए वोटरों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम है।
मसूरी विधानसभा क्षेत्र में भी नए महिला वोटरों की संख्या कम रही है। महिला वोटरों के आंकड़े को पुरुषों से आगे निकालने वाली वोटरों में चकराता, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर, डोईवाला और ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र की महिलाएं हैं।
राजनीति की बात नहीं करतीं
इस संबंध में सहसपुर की सरिता थापा, डोईवाला की संगीता भंडारी और विकासनगर की रेहाना खान का कहना है कि वे देश-दुनिया की राजनीति की बात नहीं करतीं।
लेकिन ये जानती हैं कि मोहल्ले का काम करवाने का यही मौका है, जब नेता दरवाजे आते हैं। नेता पूछते हैं कि फलां मोहल्ले में कितने वोट हैं, उसी लिहाज से दिलचस्पी दिखाते हैं। इसी से ज्यादा से ज्यादा महिलाओं से वोटर बनने के लिए कहा गया।
नए महिला-पुरुष वोटरों का आंकड़ा
चकराता-1892
पुरुष-889
महिला-1003
विकासनगर-4770
पुरुष-2248
महिला-2522
सहसपुर-8111
पुरुष-4008
महिला-4103
धर्मपुर-15456
पुरुष-7985
महिला-7471
रायपुर-12132
पुरुष-6031
महिला-6101
राजपुर-7135
पुरुष-3616
महिला-3519
कैंट-9372
पुरुष-4788
महिला-4584
मसूरी-6863
पुरुष-3501
महिला-3362
डोईवाला-8499
पुरुष-4094
महिला-4405
ऋषिकेश-6667
पुरुष-3110
महिला-3557