कालसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुरेऊ धिरोग गांव में एक माह से जल संकट गहरा गया है। पेयजल लाइन का स्रोत सूखने के कारण गांव तक पानी नहीं पहुंच रहा है। निगम की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पिकअप से एक हजार लीटर पानी पहुंचाया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच इतने कम पानी में ग्रामीणों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं। उन्हें चिलचिलाती धूप में छह किलोमीटर दूर सुरेऊ खड्ड से सिर पर पानी ढोना पड़ रहा है।
वर्ष 1997 में करोड़ों रुपये की लागत से 43 किलोमीटर लंबी सीजला खड्ड-खमरोली-देऊ पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। पेयजल लाइन से ग्राम पंचायत सुरेऊ के धिरोग गांव को भी जोड़ा गया था। खमरोली तक पेयजल आपूर्ति जल संस्थान करता है। वहीं, देऊ डांडा तक आपूर्ति की जिम्मेदारी पेयजल निगम की है। गर्मी बढ़ने के चलते स्रोत सूख गया है। करीब एक माह से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। पेयजल निगम ने गांव तक पिकअप से पानी पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था की है। लेकिन, एक दिन में एक हजार लीटर ही पानी पहुंचाया जा रहा है। गांव की आबादी करीब 800 है। ग्रामीण पशुपालन भी करते हैं। ऐसे में एक हजार लीटर पानी में काम नहीं चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है पानी का बिल तो लगातार आ रहा है, लेकिन आपूर्ति नहीं हो रही है।
सहायक अभियंता पेयजल निगम रविंद्र चौहन ने बताया कि सौर ऊर्जा संचालित लिफ्टिंग पेयजल योजना प्रस्तावित है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पिकअप से गांव तक पानी भिजवाया जा रहा है। दो बार पानी भिजवाने के निर्देश दिए गए थे। मामले में जेई से जवाब तलब कर दो बाद पेयजल आपूर्ति की जाएगी।