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Vikasnagar: डाकपत्थर बैराज से यमुना में छोड़ा गया 1.23 लाख क्यूसेक पानी, दिल्ली और हरियाणा के लिए अलर्ट जारी

Mon, 01 Sep 2025 08:05 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून)

सार

यमुना और टोंस नदी उफान पर हैं। सोमवार को इच्छाड़ी बांध से 1,02620 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया, वहीं डाकपत्थर बैराज से अधिकतम 1,39,460 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
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डाकपत्थर बैराज से यमुना में छोड़ा गया पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुना और टोंस नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते दोनों नदियां जबरदस्त उफान पर हैं। डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में लगातार 1.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को बैराज से यमुना नदी में अधिकतम 1.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शासन की ओर से दिल्ली और हरियाणा राज्य को अलर्ट जारी कर दिया गया है। रविवार दोपहर दो बजे से छिबरौ (240 मेगावाट), खोदरी (120), शाम पांच बजे ढालीपुर (51 मेगावाट) और ढकरानी (33.75 मेगावाट) जल विद्युत गृह और शाम छह बजे से व्यासी बांध परियोजना (120 मेगावाट) में बिजली उत्पादन ठप है। कुल्हाल (30 मेगावाट) जल विद्युत गृह में उत्पादन सुचारू है।

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रविवार दोपहर से ही यमुना और टोंस नदी उफान पर हैं। सोमवार को इच्छाड़ी बांध से 1,02620 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। वहीं, डाकपत्थर बैराज से अधिकतम 1,39,460 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। छिबरौ, खोदरी, ढालीपुर, ढकरानी और व्यासी बांध परियोजना में दूसरे दिन भी उत्पादन ठप रहा। नदी का जलस्तर और गाद की मात्रा दोनों ही कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में लगातार बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली और हरियाणा राज्य के लिए बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। शाम छह बजे भी डाकपत्थर बैराज से नदी में पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक से अधिक था।

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एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से नदी के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही है। सभी नौ बाढ़ चाैकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया की हथिनीकुंड बैराज को अलर्ट भेजा गया था, वहां से आगे भी अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल्हाल को छोड़कर यमुना घाटी की सभी परियोजना और जल विद्युत गृह में उत्पादन ठप है।
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