केदारनाथ आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण जल्द शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मंगलवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की।
विज्ञापन
पढ़ें, नए सीएम पर विधायकों का मन टटोलने आएंगे आजाद!
सीएम ने प्रधानमंत्री से कहा कि सड़क नहीं बनने से राज्य के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। वहीं कांग्रेस विधायक इस मुद्दे पर दिल्ली में धरना देने की तैयारी कर रहे थे जिसे स्थगित कराया गया है।
पढ़ें, 'मेरी शादी हो जाती तो इतना नहीं लिख पाता'
सूत्रों के अनुसार, देहरादून में कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम ने सभी मंत्रियों को भी पीएम से मिलने का आमंत्रण दिया था। कई मंत्री दिल्ली गए भी हैं लेकिन उनके साथ प्रधानमंत्री से नहीं मिले।
विज्ञापन
पढ़ें, मुसीबत में हों तो मोबाइल को दें झटका, बच जाएंगे आप
करीब आधे घंटे की मुलाकात में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बीआरओ की 1510 और राष्ट्रीय राजमार्ग की 750 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण में देरी के कारण आ रही दिक्कतों की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री पर उड़ेल दिया समस्याओं का ढेर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बताया कि अगर केंद्र से राशि मिलने में देर हो तो राज्य सरकार राशि देने को तैयार है लेकिन सड़कों के निर्माण में अब देरी नहीं होनी चाहिए।
पढ़ें, नए सीएम पर विधायकों का मन टटोलने आएंगे आजाद!
इस दौरान सीएम ने पीएम के सामने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को स्वीकृत 300 करोड़ रुपए जल्द अवमुक्त करने की मांग भी रखी।
पढ़ें, 'मेरी शादी हो जाती तो इतना नहीं लिख पाता'
उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री आम्स्कर फर्नांडीज एवं उनके मंत्रालय और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ हुई बैठक का हवाला भी दिया। बैठक में धनराशि अवमुक्त करने और सड़कों की मरम्मत का कार्य चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व करने का अनुरोध किया गया था।
पढ़ें, मुसीबत में हों तो मोबाइल को दें झटका, बच जाएंगे आप
बताया कि बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा बीआरओ की सड़कों को इसी वर्ष उत्तराखंड को स्थानांतरण किए जाने पर विरोध दर्ज कराया गया था।
सीएम ने पीएम से किया अनुरोध
सीएम ने पीएम से अनुरोध किया कि बीआरओ पहले इन सड़कों का पुनर्निर्माण करे। 2015 में उत्तराखंड को इन्हें स्थानांतरित किया जाना उचित होगा।
पढ़ें, नए सीएम पर विधायकों का मन टटोलने आएंगे आजाद!
मुख्यमंत्री ने यह भी अवगत कराया कि उत्तराखंड के पास विश्व बैंक एवं एडीबी द्वारा दी गई 2000 करोड़ मूल्य की सड़कों के पुनर्निर्माण का वृहद कार्य का दायित्व है।
पढ़ें, 'मेरी शादी हो जाती तो इतना नहीं लिख पाता'
इसे समय से पूर्ण करने हेतु लोक निर्माण विभाग के 10 नए मंडल स्थापित किए गए हैं। कहा कि ऐसी स्थिति में नए कार्य को पूर्ण करने की क्षमता राज्य सरकार के पास नहीं है।
पढ़ें, मुसीबत में हों तो मोबाइल को दें झटका, बच जाएंगे आप
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को इस मामले में जल्द निदान का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्यमंत्री के साथ गए मुख्य सचिव सुभाष कुमार और अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा की प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पुलक चटर्जी के साथ बैठक हुई।
पहाड़ पर सड़क बनाना अब आसान
आपदा के बाद सीमांत क्षेत्रों की खस्ताहाल जर्जर सड़कों के निर्माण के लिए सरकार ने नियमों में ढील दे दी है।
पढ़ें, नए सीएम पर विधायकों का मन टटोलने आएंगे आजाद!
सीमा सड़क संगठन और आईटीबीपी को सीमान्त क्षेत्रों में सड़क का निर्माण कार्य करने के लिए खनन पट्टा स्वीकृत किया है जबकि अभी नई माइनिंग पॉलिसी के तहत टेंडर प्रक्रिया से पट्टों का आवंटन होता है।
पढ़ें, 'मेरी शादी हो जाती तो इतना नहीं लिख पाता'
मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने फैसला किया कि बीआरओ और आईटीबीपी को सीमांत जनपदों में टेंडर में छूट गए लॉट को आधार मूल्यों के अनुसार आवंटित किया जाएगा।
पढ़ें, मुसीबत में हों तो मोबाइल को दें झटका, बच जाएंगे आप
इतना ही नहीं, ईंट मिट्टी एवं सड़क भरान के लिए साधारण मिट्टी की खुदान को खनन संक्रियाओं से मुक्त कर दिया गया है। अब बीआरओ एवं आईटीबीपी सड़क निर्माण में आसानी से मिट्टी की खुदाई कर सकेंगे। कैबिनेट ने उत्तराखंड सड़क संरचना सुरक्षा विधेयक 2014 को विधानसभा में पुन:स्थापित करने को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि फरवरी के तीसरे सप्ताह से उत्तराखंड में सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। एक हजार करोड़ रुपए केवल सड़कों की मरम्मत पर खर्च किए जाएंगे।
पढ़ें, नए सीएम पर विधायकों का मन टटोलने आएंगे आजाद!
इसके लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया जा चुका है। प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की।
पढ़ें, मुसीबत में हों तो मोबाइल को दें झटका, बच जाएंगे आप
बातचीत में खासतौर पर ऊर्जा, उद्योग और सड़कों पर चर्चा की गई। नेशनल हाईवे और बार्डर रोड के लिए भी प्रधानमंत्री से वार्ता की गई। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और बार्डर रोड ठीक करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है।