उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और अब भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विजय बहुगुणा ने कहा कि राज्य में 12 विधानसभा सीटें खाली होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दूसरी ओर हरीश रावत सरकार आईसीयू पर चल रही है।
मंत्री और विधायक ही उन पर गलत कार्यों के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए अक्टूबर में आयोग से चुनाव कराने की मांग की। रुड़की टॉकीज तिराहा के पास स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए विजय बहुगणा ने कहा कि राज्य में अल्पमत की सरकार चल रही है।
एक ओर जहां विधानसभा की 12 सीटें रिक्त हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से भी विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है। साथ ही सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले विधायकों का उत्पीडन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में अव्यवस्था का खामियाजा लाखों श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है।
जाम से आए दिन श्रद्धालुओं को दो चार होना पड़ रहा है। कांवड़ पटरी की बदहाली पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ना चाहती है। यही कारण है कि हरीश रावत की ओर से केंद्र सरकार को बजट के लिए पत्र लिखा जा रहा है, जबकि राज्य सरकार स्वयं विधानसभा सत्र बुलाकर बजट पास करा सकती है।
उन्होंने कुंवर प्रणव चैंपियन के रंगमहल पर हुए हमले को भी राज्य सरकार की साजिश बताते हुए कानून से मजाक करार दिया। राज्य में विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने चुनाव आयोग से अकटूबर में चुनाव कराने की मांग की। इस मौके पर भाजपा नेता प्रदीप बत्रा, नगर अध्यक्ष सुनील साहनी, अश्वनी कौशिक, सौरभ गुप्ता, राजपाल सिंह, चंद्रप्रकाश बाटा, नवीन गुलाटी, ब्रिजेश त्यागी आदि उपस्थित थे।