पेपर लीक मामले में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव समेत पांच अफसरों के खिलाफ मुकदमे लायक विजिलेंस के हाथ सुबूत नहीं लग रहे हैं। तीन माह से ज्यादा समय से देहरादून सेक्टर में इस मामले की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि अब जल्द ही विजिलेंस दोबारा से फाइल को मुकदमे की अनुमति के लिए शासन में भेज सकती है।
मई 2022 में एसटीएफ ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की जांच शुरू की थी। इसमें एक के बाद एक कई खुलासे हुए और एसटीएफ ने कुल 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें सबसे अहम कड़ी थी परीक्षा कराने वाली कंपनी आरएमएस टेक्नो साॅल्यूशन कंपनी के मालिक की मिलीभगत।
पता चला कि उसने अन्य परीक्षाओं में भी धांधली की है। अब बात आई कि इस कंपनी को काम किन अधिकारियों के कहने पर दिया गया। इसमें पूर्व सचिव का नाम भी सामने आया था। पुलिस की सिफारिश पर शासन ने विजिलेंस को पूर्व सचिव संतोष बडोनी समेत पांच अधिकारियों की जांच के आदेश दिए थे।