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खाकी से पाई-पाई की 'कमाई' का हिसाब लेगी विजिलेंस

Tue, 05 Jul 2016 03:09 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
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एमए गणपति - फोटो : AmarUjala
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सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने अपने ही विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गोपनीय जांच बिठा दी है।
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इसके पीछे बड़ी वजह देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के पुलिस कर्मियों के खिलाफ खनन और शराब की तस्करी में सांठगांठ के साथ अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतें हैं। प्रदेश में यह अपनी तरह की पहली जांच होगी।

पुलिस कर्मियों के अलावा संबंधित थानों के एसओ और पर्यवेक्षण अधिकारी भी जांच के दायरे में होंगे। जांच में पुलिस कर्मियों की संपत्ति का भी आंकलन किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर भ्रष्ट सरकारी मशीनरी के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत डीजीपी एमए गणपति ने अपने स्तर से नई पहल की है।
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पुलिस पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप

- फोटो : demo pic
उत्तराखंड की नदियों में व्यापक स्तर पर हो रहे अवैध खनन और शराब तस्करी समेत अन्य अवैध धंधों में पुलिस सांठगांठ किसी से छिपी नहीं है।

पुलिस भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों पर सुधार की चेतावनी दी गई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने से डीजीपी सख्त नाराज है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस प्रमुख ने विजिलेंस डायरेक्टर अशोक कुमार को देहरादून की ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के कुंडा थाना क्षेत्र की पुलिस के खिलाफ जांच के आदेश दिए है।

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब की तस्करी कराने का आरोप है। हरिद्वार की कोतवाली पुलिस पर शराब के साथ खानपुर में अवैध खनन का आरोप है। खनन के अवैध कारोबार के बदले पुलिस मोटी रकम वसूल रही है।

ऊधम सिंह नगर के कुंडा इलाके में अवैध वसूली किए जाने के आरोप है। विजिलेंस से इन आरोपों की गोपनीय जांच कराकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है, ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। 

Publised By : Nirmala Suyal
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