मोबाइल पर मैसेज भेज पेपर लीक के आरोप
आरोप हैं कि जिन अभ्यर्थियों से सेटिंग थी, उन्हें गाइड के बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी। उनके मोबाइल पर पारिक 859868 लिखकर मैसेज भेजा गया था। उन्हें पेपर सीलबंद नहीं दिया गया। इसके अलावा 100 नंबर के इस प्रश्नपत्र में कई अभ्यर्थियों को 99 अंक भी मिले थे, जो संदेहास्पद है।
19 पदों के लिए 798 ने दी थी परीक्षा
आयुर्वेद विश्वविद्यालय की यह परीक्षा मार्च 2018 में 798 अभ्यर्थियों ने दी थी। 19 पदों के लिए हुई परीक्षा के लिए 970 ने आवेदन किया था, जिनमें से 928 को लिखित परीक्षा योग्य माना गया था।
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पेपर लीक करने वाले अब तक आजाद
सूत्रों के मुताबिक, आयुर्वेद विश्वविद्यालय का पेपर लीक करने की पुष्टि तो एसआईटी की जांच में भी चुकी है, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं हुई। नतीजतन पेपर लीक के आरोपी अफसर, कर्मचारी पांच साल से आजाद हैं। उनके खिलाफ न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही अन्य विशेष जांच। अब विजिलेंस जांच के बाद उन पर कार्रवाई की उम्मीद जगी है।