कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने पर इस बार चार बडे़ पदाधिकारियों पर गाज गिराई है।
पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने नैनीताल के नगर अध्यक्ष मारूति शाह, चमोली जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष संजय रावत, अनुसूचित जाति विभाग के रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष कुंवर लाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री खजान पांडेय को छह साल के लिए निष्कासित किया है।
निष्कासित किए गए ज्यादातर नेता हरीश रावत खेमे के हैं। खजान पांडेय के खिलाफ कार्रवाई के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश दबाव बनाए हुए थीं।
नेता प्रतिपक्ष शुरू से ही हल्द्वानी नगर निगम के मेयर पद के चुनाव में अपने पुत्र सुमित की हार के लिए हरीश रावत खेमे के ऊपर आरोप लगा रही हैं। इन स्थितियों के बीच, इस बार प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के फैसले पर पलटवार करने के लिए करण माहरा सामने आए हैं।
इससे पहले, संगठनात्मक नियुक्तियों पर पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने विरोध की कमान संभाली थी। माहरा ने हल्द्वानी में प्रेस कान्फ्रेंस करके प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर सीधे तौर पर सवाल उठाए हैं। 16 दिसंबर की प्रस्तावित बैठक में भी मामले को उठाने की बात कही है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस की रार बढ़ने की स्थिति ही पैदा हो रही है।
निकाय चुनाव में जो लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे, उन पर गहन जांच के बाद कार्रवाई की गई है। खजान पांडेय के खिलाफ खुद नेता प्रतिपक्ष की शिकायत मिली थी, जबकि नैनीताल नगर अध्यक्ष के खिलाफ वहां के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिनके भी खिलाफ शिकायतें हैं, यदि वे जांच में सही पाई जाती हैं, तो आगे भी कार्रवाई की जाएंगी। जहां तक अनुशासन समिति के अध्यक्ष के भतीजे से जुड़ा मामला है, उनसे संबंधित विवाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ है। यह विवाद कहीं से भी पार्टी विरोधी गतिविधि का हिस्सा नहीं था।
- सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस