इससे उन्हें यह भी स्पष्ट होगा कि चयन की प्रक्रिया में यदि कतिपय चयनित अभ्यर्थी उपस्थित नहीं होते हैं या किसी कारण चयन के योग्य नहीं पाए जाते हैं, तो उन्हें चयन का अवसर प्राप्त हो सकता है या नहीं। इस व्यवस्था से वे अपने प्राप्तांकों के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में यह व्यवस्था सहायक अध्यापक एलटी की परीक्षा से प्रारंभ की जाएगी। उसके उपरांत निकाले गए सभी लिखित परिणामों में भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्हीं अभ्यर्थियों के प्राप्तांक उपलब्ध कराए जाएंगे, जो आयोग की परीक्षा में राज्य सरकार के स्तर पर न्यूनतम अर्हकारी अंक लाए हों।