कोतवाली पुलिस ने शहर में धर्म-कर्म का झांसा और प्रसाद खिलाकर महिलाओं से ठगी करने वाले एक शातिर बदमाश को दबोचा है, इस दौरान उसका साथी जंगलों के रास्ते पुलिस को चकमादेकर भागने में कामयाब रहा।
पकड़े गए बदमाश से पुलिस ने एक चोरी की वेगननार कार और सोने के आभूषण बरामद किए हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां उसे न्यायालय ने पौड़ी जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली में सम्मोहन और टप्पेबाजी का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल ने कहा कि बीते कुछ माह से शहर में टप्पेबाजी की घटनाएं बढ़ने लगी थी। बदमाश वृद्ध महिलाओं को झांसा देकर उनके पहने हुए जेवर व पैसे लूट लेते थे। अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की एक टीम गठित की गई।
बुधवार शाम करीब छह बजे पुलिस को सूचना मिली कि टप्पेबाज गिरोह से जुड़े दो बदमाश चोरी की वेगनआर कार में बीईएल रोड की ओर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस टीम ने बीईएल रोड पर तलाशी शुरू कर दी। पुलिस को बीईएल रोड के समीप एक मैदान में बिना नंबर की वेगनआर कार खड़ी दिखाई दी।
जैसे ही पुलिस कार के समीप पहुंची, उसके अंदर से दो बदमाश निकले और जंगल की ओर भागने लगे। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस ने एक को दबोच लिया। उसकी पहचान आसिफाबाद थाना परीक्षित गढ़ जिला मेरठ निवासी फिरोज पुत्र खैरूद्वीन के रुप में की गई।
पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी परीक्षित गढ़ जिला मेरठ निवासी भूरा पुत्र पप्पू जंगल के रास्ते फरार हो गया। पकड़े गए बदमाश के पास से सोने का एक कड़ा और एक जोड़ी कुंडल बरामद किया गया। कार के कागज मांगने पर आरोपी ने बताया कि उसने यह कार डेढ़ साल पहले दिल्ली से चोरी की थी। इस संबंध में दिल्ली पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
सीओ जेआर जोशी ने बताया कि आरोपी और उसके साथी ने गत 10 मार्च को नजीबाबाद रोड पेट्रोल पंप के समीप से अनुसुया रावत और सात अप्रैल को गंगादत्त जोशी मार्ग से वृद्धा निर्मला चतुर्वेदी से लूट की थी। आरोपी के खिलाफ दिल्ली, मुजफ्फरनगर और मेरठ थाने में टप्पेबाजी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा चल रहा है।
बदमाश को दबोचने वाली पुलिस टीम में कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल, एसएसआई मो. यूनुस, एसआई हरपाल सिंह, विनोद कुमार, प्रदीप नेगी, आबिद अली, सतपाल, प्रमोद गोस्वामी मौजूद थे।