विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक में गंगा और गो-रक्षा पर प्रस्ताव पारित किए गए। इसके साथ बैठक के दूसरे दिन मंगलवार को राम मंदिर, परिवार प्रबोधन और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव लाए गए।
बैठक में संतों ने एक स्वर से मांग की कि गंगा में गंगोत्री से गंगा सागर तक हो रही राफ्टिंग तत्काल रोकी जाए। गंगा के किनारों को शराब और मांस का केंद्र न बनाया जाए।
हरिद्वार में दूषित जल गंगा में डाल देने का कड़ा प्रतिवाद किया गया। गंगा में नौकायन और जहाज चलाने के सपनों पर संतों ने तुषारापात किया। कहा कि गंगा को खिलौना बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
गो-हत्या पर लगे पूर्ण प्रतिबंध
भूपतवाला के प्राचीन श्रीराम मंदिर में निर्वाण पीठाधीश्वर स्वामी विशोकानंद भारती की अध्यक्षता में बैठक हुई। देशभर से आए करीब सौ संत गंगा को लेकर सरकार पर जमकर बरसे। साथ ही देश में श्वेत क्रांति लाने के लिए गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।
कई संतों ने इस बात पर आक्रोश जताया कि केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बावजूद गोहत्या हो रही है। बैठक में आचार्य अवधेशानंद, स्वामी विष्णुपुरी, युग पुरुष परमानंद, सत्यमित्रानंद, संतोषी माता, हरि चेतनानंद, दिव्यानंद, गद्गुरुअयोध्यादासाचार्य, स्वामी कृष्णाचार्य, दयाराम दास, परमात्मानंद, विवेकानंद, चिन्मयानंद, वियोगानंद, धर्मदास, हरिहरानंद सरस्वती, दिव्य जीवनदास आदि पहुंचे।
सितंबर में नासिक में होगी धर्म संसद
केंद्रीय मार्गदर्शक की अगली बैठक सितंबर में नासिक में होगी। उसी समय विशाल धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा। विहिप महामंत्री चंपत राय ने बैठक में यह घोषणा की। उन्होंने देश भर के संतों को नासिक आने का निमंत्रण दिया।