बताया कि मुस्लिम आबादी भी इन दुकानों से परेशान है और गंदगी व बीमारियां फैल रही है। वर्ष 2016 में सूचना अधिकार अधिनियम से मिली जानकारी का हवाला देते हुए विहिप नेता ने बताया कि नगर निगम ने 12 ही दुकानों को लाइसेंस दिए हुए है।
जबकि दुकानों की संख्या सौ से भी ऊपर है। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर अवैध दुकानें बंद न हुई तो वह रेल चौकी के ठीक सामने राम चौक पर आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में गुलफाम पीर, रियासत गौड़, श्याम सुंदर शर्मा, विजेंद्र पंवार, चंद्रशेखर, पवन देवी, धर्मवीर शर्मा शामिल रहे।