सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म जमा करने का समय बढ़ााया है।
बार एसोसिएशन और बार काउंसिलों से जुड़े देश के उन लाखों वकीलों के लिए राहत की खबर है जो अब तक सत्यापन फार्म जमा नहीं करा पाए थे। विभिन्न बार एसोसिएशनों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए तीन महीने का समय और दिया है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से इन दिनों देश भर में वकीलों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके तहत दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल आदि की बार काउंसिल एवं एसोसिएशनें अपने स्तर से वकीलों का सत्यापन करा रही हैं। ताकि प्रैक्टिस न करने वाले एवं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर वकालत कर रहे वकीलों को एसोसिएशन एवं काउंसिलों से बाहर किया जा सके, लेकिन विभिन्न प्रदेशों में लाखों वकील इसके लिए अंतिम तिथि नजदीक आने के बावजूद फार्म जमा नहीं करा पाए थे।
उत्तराखंड में पांच हजार वकील नहीं जमा कर पाए थे फॉर्म
बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की विशेष कमेटी के सदस्य हरी सिंह नेगी व चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक उत्तराखंड में ही पांच हजार से अधिक वकीलों के अंतिम तिथि बीतने के बावजूद वेरिफिकेशन फार्म जमा नहीं हो पाए थे। सुप्रीम कोर्ट से तिथि बढ़ाने से छूट गए वकीलों को एक और मौका मिला है। वहीं बार काउंसिल भी समय मिलने से ठीक से सत्यापन कर सकेगी। जबकि फर्जीवाडे़ से संबंधित मामलों में कार्रवाई की जा सकेगी।
इनका है कहना
बार काउंसिलों की ओर से वेरिफिकेशन के लिए छह महीने का और मांगा गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल तीन महीने का समय दिया है।
-मनन मिश्रा, चेयरमैन बार काउंसिल ऑफ इंडिया