फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना बनेगी पलायन में खेवनहार, कैसे पढ़िए यहां...

Wed, 28 Aug 2019 01:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
विज्ञापन

प्रदेश में पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे लगातार पलायन में अब पर्यटन विभाग की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना खेवनहार बनेगी। प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने योजना का दायरा बढ़ा दिया है।

विज्ञापन


वाहन, फास्ट फूड केंद्र, होटल, रेस्टोरेंट के साथ ही अब बेरोजगार योजना के तहत क्याकिंग के लिए नाव का क्रय एवं संचालन के साथ ही लॉन्ड्री की स्थापना, स्टार गेजिंग एवं बर्ड वॉचिंग के लिए उपकरणों की खरीद व पर्यटन के लिए अधिकतम 10 बाइक भी खरीद सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। योजना का दायरा बढ़ने से उम्मीद की जा रही है कि बेरोजगार युवा अब पलायन के बजाए स्वरोजगार की तरफ आकर्षित होंगे।

प्रदेश लगातार पलायन का दंश झेल रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन व स्वरोजगार की असीम संभावना होते हुए भी बेरोजगार युवा रोजगार के लिए लगातार पलायन को मजबूर हैं। पलायन रोकने और स्वरोजगार व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2002 में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत बेरोजगारों को अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वाहन, होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड केंद्र सहित विभिन्न कार्यों के लिए लोन पर अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इस योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। अभी तक योजना के तहत 6267 लोग लाभांवित हो चुके हैं।
विज्ञापन


योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने अब योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसके तहत 11 नए कार्यों को शामिल कर दिया हैं। इसमें वाटर स्पोर्ट्स के लिए क्याकिंग नाव खरीद, मोटर होम टूरिज्म, एंगलिग उपकरणों की खरीद, बेकरी स्थापाना, हर्बल टूरिज्म और लॉन्ड्री की स्थापना आदि शामिल हैं। अब बेरोजगार युवा इन कार्यों के लिए योजना के तहत लोन ले सकते हैं। जिस पर अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पर्यटन विभाग की मानें तो योजना का दायरा बढ़ने से प्रदेश में पलायन पर रोक के साथ ही स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ेंगे। जिला पर्यटन केंद्रों पर बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा इन कार्यों के लिए आवेदन कर रहे हैं।

विज्ञापन

अभी तक योजना में शामिल कार्य

पर्यटकों की सुविधा के लिए बस, टैक्सी की खरीद, यात्रा मार्गों व पर्यटन स्थलों पर फास्ट फूड केंद्र, रेस्टोरेंट की स्थापना, मोटर यानों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप, गैराजों की स्थापना व सुधार, यात्रा मार्गों पर साधना केंद्र या मोटलनुमा आठ से 10 कमरों का आवासीय भवन, पेइंग गेस्ट हाउस, रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग मार्गों पर टैंट स्थापना, प्रतीकात्मक वस्तुओं को विक्रय केंद्र, पीसीओ निर्माण, साहसिक खेलों के उपकरणों की खरीद।

योजना में शामिल किए गए नए कार्य
क्याकिंग, नाव क्रय एवं संचालन, पर्यटन हेतु टेरेन बाइक्स अधिकतम दस, कैरावैन, मोटर होम टूरिज्म, एंगलिग उपकरणों का क्रय, स्टार गेजिंग एवं बर्ड वॉचिंग के लिए उपकरणों की खरीद, लॉन्ड्री की स्थापना, बेकरी की स्थापना, सोबिनियर केंद्र की स्थापना, फ्लॉटिंग होटल का निर्माण, ट्रैकिंग उपकरणों, सूट जैकेट आदि को किराए पर उपलब्ध कराए जाने के लिए केंद्रों की स्थापना, हर्बल टूरिज्म।

अब तक के लाभार्थी
जनपद    लाभार्थी
देहरादून    470
उत्तरकाशी    546
हरिद्वार    478
टिहरी    501
पौड़ी    501
चमोली    600
रुद्रप्रयाग    415
अल्मोड़ा    538
बागेश्वर    504
चंपावत    199
ऊधमसिंह नगर    226
कुल लाभार्थी    6267

योजना के तहत कुछ ऐसे पहलुओं को शामिल किया गया है, जो पर्यटन की दृष्टि से काफी आवश्यक हैं। योजना का दायरा बढ़ने से न केवल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पलायन पर भी रोक लगेगी। स्वरोजगार की दिशा में यह योजना अब काफी सहायक सिद्ध होगी।
- एसएस सामंत, वरिष्ठ शोध अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें