पानी की टंकी पर उत्तराखंड में अब 13.5 प्रतिशत का वैट लगेगा। हालांकि वैट की इस दर को लागू करने के लिए वाणिज्य कर विभाग को खासी पेचीदा कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी। पूर्व में पानी की प्लास्टिक से बनी टंकियों पर पांच प्रतिशत का वैट था।
जनवरी, 2015 में वाणिज्य कर विभाग ने पानी की टंकी को पांच प्रतिशत की कर देयता की सूची से बाहर कर दिया था। पानी की टंकी बनाने वाली कुछ कंपनियों ने इस पर ऐतराज जताया था।
इन कंपनियों का कहना था कि वाणिज्य कर विभाग की टैक्स रेट सूची में पानी की टंकी को यूटेनसिल के नाम से परिभाषित किया गया है।
यूटेनसिल में पानी को एकत्र करने वाले बर्तन भी आते हैं। इस पर पांच प्रतिशत टैक्स लिया जा रहा है। वाणिज्य कर विभाग का साफ कहना था कि पानी की टंकी की बिक्री हार्डवेयर स्टोर से की जाती है।
इसे बाल्टी की तरह पानी को एकत्र करने वाला बर्तन नहीं माना जा सकता। वाणिज्य कर आयुक्त दिलीप जावलकर ने पानी की टंकी को यूटेनसिल मानने से इनकार किया। आयुक्त ने पानी की टंकी पर 13.5 प्रतिशत कर लगाने का आदेश जारी किया है।