मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि इस अर्द्धकुंभ के बाद नीलधारा क्षेत्र में भी घाटों को विकसित किया जाएगा तथा भोगपुर तक के क्षेत्र को मेला क्षेत्र समाहित कर विकास कार्य कराए जाएंगे। ताकि कुंभ जैसे मेलों के लिए स्थान की कमी न रह सके। इस अर्धकुंभ के साथ ही राज्य सरकार वर्ष 2022 में होने वाले कुंभ तैयारियों का भी खाका खींच रही है।
अमर उजाला से टेलीफोन पर वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक मदद न मिलने के बावजूद सरकार ने अर्द्धकुंभ मेले को संपन्न कराने के लिए वृहद स्तर पर विकास कार्य कराएं हैं। संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
मेला आयोजन के लिए और ज्यादा जगह की जरूरत
उन्होंने कहा कि हरिद्वार के लिहाज से स्थायी पुल और हिल बाईपास मार्ग का निर्माण बड़े गिफ्ट की तरह है। जिससे बहुत लोगों को लाभ मिलेगा। हरिद्वार कुंभ और अर्द्धकुंभ मेलों के आयोजन के लिए और ज्यादा जगह की जरूरत जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीलधारा क्षेत्र को भी कुंभमेला क्षेत्र के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही इस दिशा में काम किया जाएगा। मेला क्षेत्र को भोगपुर तक फैलाने की बात कही।
मुख्यमंत्री अर्द्घकुंभ के पहले स्नान के सकुशल संपन्न होने के बाद मेला अधिष्ठान के अधिकारियों और श्रद्धालुओं को बधाई देेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महज एक पड़ाव है। इसे मुकाम न समझा जाए। आने वाले स्नानों के लिए इसी दृढ़संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा के साथ योजना बनाने के लिए काम करने की जरूरत है।