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वसंत पंचमी आज, मां सरस्वती की होगी विशेष पूजा

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वसंत ऋतु के आगमन पर बंजारावाला में सरसों के पीले फूलों के साथ खुशी मनाते बच्चे। संजय नेगी - फोटो : CITY
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हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। मंगलवार को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाएगी। वसंत पंचमी से वसंत ऋतु की शुरूआत हो जाएगी। इससे प्रकृति से जुड़ी हर वस्तु में परिवर्तन देखने को मिलेगा।
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वसंत ऋतु में फूलों पर बहार आ जाती है, खेतों में सरसों के फूल सोने से चमकने लगते हैं। जौ और गेहूं में बालियां खिलने लगतीं है और आम के पेड़ों पर मांजर (बौर) आ जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। वसंत पंचमी का मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि वसंत पंचमी को माघ के उज्ज्वल पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) के पांचवें दिन (पंचमी तिथि) को मनाया जाता है। इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन देवी रति और भगवान कामदेव की षोडशोपचार पूजा करने का भी विधान है।
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पांच घंटे 36 मिनट तक रहेगा शुभ मुहूर्त
ज्यातिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि वसंत पंचमी पर पांच घंटे 36 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। शुभ मुहूर्त सुबह 6:59 से दोपहर 12:35 तक रहेगा। हालांकि, वसंत पंचमी पूरे दिन रहेगी। मुहूर्त के अनुसार साहित्य, शिक्षा, कला आदि के क्षेत्र से जुड़े लोग मां सरस्वती की पूजा करते हैं। यह भी माना जाता है कि पीला रंग मां सरस्वती का पसंदीदा रंग है, इसलिए लोग इस दिन पीले कपड़े पहनते हैं।
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बिना मुहूर्त के होते हैं मांगलिक कार्य
वसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इस दिन किसी भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ मुहूर्त नहीं देखा जाता। प्राचीन मंदिर टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज ने बताया कि इस दिन दो खास संयोग बन रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन रवि और अमृत सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ रहा है।

वसंत पंचमी पर फूलों से सजा राजभवन परिसर। अमर उजाला

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