उत्तराखंड की बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी को नौसेना के विश्व भ्रमण दल का कैप्टन चुना गया है। छह नौसेनिक महिला अफसरों के इस दल का नेतृत्व वर्तिका करेंगी। आइए जानते हैं उनके बचपन से इस मुकाम तक के सफर की कहानी...
लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी की स्कूली शिक्षा-दीक्षा श्रीनगर गढ़वाल और ऋषिकेश से हुई है। उनके पिता पीके जोशी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर हैं। जबकि उनकी माता अल्पना जोशी राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेश में हिंदी विभाग की अध्यक्ष हैं। 2010 में वर्तिका नौसेना में अधिकारी बनी थी।
उन्होंने एमिटी विवि से एरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक और आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया। नौ सेना में भर्ती होने के बाद वह ब्राजील के रियो डि जिनोरियो से दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन तक पांच हजार नॉटिकल मील का समुद्री अभियान तय कर चुकी है।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
vertika joshi
वर्णिका पर इस वक्त पूरा उत्तराखंड फक्र से गौरवांवित है। हो भी क्यों न उन्हें एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली हैं। उन्होंने साबित किया है कि देवभूमि उत्तराखंड की बेटियां किसी से कम नहीं।
जिस जहाज में वे अन्य महिला अफसरों के साथ विश्व भ्रमण पर निकलेंगी। उसका नाम आईएनएसवी तारिणी है। इसकी लंबाई करीब 55 फुट है। इसे भारतीय नौसेना में 2016 में शामिल किया गया था। जहाज के चालक दल के अन्य सदस्यों में ले.कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी. स्वाति और लेफ्टिनेंट एस.विजया देवी, बी. एश्वर्या और पायल गुप्ता शामिल हैं।
इस अभियान पर निकलने को तैयार भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और प्रधानमंत्री ने उन्हें देश की क्षमताओं शक्तियों को दुनिया के सामने लाने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम ने शुभकामनाओं के साथ किया ट्वीट
pm modi
- फोटो : अमर उजाला
पीएमओ के एक बयान के अनुसार यह अभियान नौवहन जहाज आईएनएसवी तारिनी पर ‘नाविका सागर परिक्रमा’शीर्षक से इस महीने के बाद गोवा से शुरू होगा और इसके मार्च 2018 में संपन्न होने की उम्मीद है। बयान में बताया गया है कि इस अभियान में चार ठहराव होंगे -फ्रीमैंटल (आस्ट्रेलिया), लायटलटन (न्यूजीलैंड), पोर्ट स्टैंले (फॉकलैंड) और कैपटाउन (दक्षिण अफ्रीका) शामिल हैं।
दल से मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया कि जहाज, आईएनएसवी तारिनी पर विश्व की जलयात्रा पर रवाना होने जा रही भारतीय नौसेना की छह होनहार अधिकारियों से मिला। भारत से यह विश्व की पहली जलयात्रा है जिसकी चालक दल की सभी सदस्य महिलाएं है। मैं अधिकारियों को उनके इस अभियान के लिए शुभकामनाएं देता हूं।