जंगल, जैव विविधता और इको सिस्टम की सुरक्षा के लिए उत्तराखंड सरकार पचास फीसदी वन पंचायतों की कमान महिलाओं के हाथ सौंपने जा रही है।
प्रदेश में 12 हजार वन पंचायतें हैं, इनकी आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा रही हैं। वन पंचायतों को और मजबूत बनाने के लिए पहली बार कैंपा, जायका समेत प्रदेश सरकार की अन्य योजनाएं एक साथ वन पंचायतों में लागू की जाएंगी। संबंधित क्षेत्रों में विकास कार्य इन्हीं वन पंचायतों के माध्यम से कराए जाएंगे।
महिला सशक्तीकरण के लिए वन पंचायतों के सरपंच की 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के साथ शासन जायका (जापानीज इंटरनेशनल कोआपरेटिव एजेंसी) की उत्तराखंड फोरेस्ट रिसोर्स मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री वन पंचायत सुदृढ़ीकरण योजना, मुख्यमंत्री चारागाह विकास योजना, उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंध परियोजना लागू करने की जिम्मेदारी वन पंचायतों को दे रही है।