पिछले माह एक दिन की पुलिस कार्रवाई के बाद स्कूल वैन संचालक तय शर्त पर खरे नहीं उतरे हैं। ऐसे में इनके खिलाफ आगे कार्रवाई होना तय है। क्योंकि परमिट के लिए वैन संचालकों में रुझान है नहीं और कार्रवाई से बचने को तय की गई शर्त को इन्होंने ठेंगा दिखा दिया है।
बिना परमिट वैन और आटो में परमिट से ज्यादा ठूंसकर बच्चे ढोने वालों के खिलाफ 22 जुलाई को पुलिस ने 44 स्पॉट पर चेकिंग कर कार्रवाई की थी। इसमें 100 से ज्यादा वैन और विक्रम के चालान हुए थे।
इसके अगले दिन हड़बड़ाए स्कूल वैन संचालकों की मांग पर एसएसपी केवल खुराना ने तीन अगस्त तक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था। कुछ दिन मांगने के पीछे वैन संचालकों का तर्क था कि वह जिन बच्चों को ढो रहे हैं उनका भुगतान महीने के हिसाब होता है।
तय संख्या में नहीं ढ़ो रहे बच्चे
ऐसे में वैन संचालकों ने 1 अगस्त से परमिट नियम के साथ ही तय संख्या में बच्चे ढोने पर सहमति दी थी। लेकिन 2 अगस्त को छुट्टी का दिन होने के बावजूद कुछ स्कूल खुले तो उनमें चलने वाली वैन बीना परमिट के साथ ही ओवर लोड थीं।
इससे साफ है कि वैन संचालकों की परमिट लेने और ओवरलोड नहीं चलने की सहमति केवल दिखावा भर थी। इसके पीछे कारण यह भी है कि वह कहीं न कहीं वह सोच रहें हैं कि अब पुलिस उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई नहीं करेगी।
इनकी भी सुनिएः
तय समय के बाद अगर कोई स्कूल वैन ओवर लोड चलती मिलेगी तो उसे सीज किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही दोबारा चेकिंग अभियान शुरू होगा।
- केवल खुराना, एसएसपी देहरादून