उत्तराखंड सरकार से ग्रीन सिग्नल मिलने के बावजूद एक अक्तूबर से खनन और चुगान का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
शासन-प्रशासन को कोई सरोकार नहीं
खनन और चुगान का कार्य शुरू न होने से राजधानी सहित पूरे प्रदेश में सड़क, पुल, भवन के निर्माण सहित अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन इससे शासन-प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है।
शासन ने 28 सितंबर को खनन और चुगान का कार्य शुरू करने के लिए वन विकास निगम को पत्र जारी कर दिया था। एक अक्तूबर से खनन और चुगान शुरू होना था, लेकिन हुआ नहीं है।
प्रदेश की सात नदियों में आज भी खनन और चुगान बंद पड़ा है। देहरादून के सौंग, जाखन से खनन शुरू करने के लिए तो जिला प्रशासन की ओर से भी आदेश भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद निगम प्रबंधन की ओर से सुस्ती बरती जा रही है।
धड़ल्ले हो रहा अवैध खनन
उत्तराखंड वेन विकास निगम की ओर से खनन, चुगान शुरू न करने के कारण प्रदेश भर में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
नदियों
से रोजाना सैकड़ों ट्रक खनन सामग्री की निकासी हो रही है, जिससे प्रदेश
सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा है। जंगलात महकमे से लेकर पुलिस और राजस्व
महकमे ने अपनी आंखें बंद कर ली है।
खनन को लेकर किसी स्तर पर कोई बाधा नहीं है। इसके बावजूद अगर वन विकास निगम की ओर से चुगान शुरू नहीं कराया जा रहा है तो हैरत की बात है।
- शैलेश बगोली, अपर सचिव औद्योगिक विकास
तकनीकी तौर पर खनन कार्य शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं है। जल्द से जल्द खनन कार्य शुरू कराने के लिए वन
विकास निगम प्रबंधन और शासन को पत्र भेजा जाएगा।
- संतोष रावत, अध्यक्ष उत्तराखंड वन विकास निगम
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