स्वास्थ्य विभाग की मिजल्स-रूबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान को लेकर तैयारियां अधूरी है। अभियान के तहत एक दिन में करीब एक लाख बच्चोंको टीका लगाना होगा, लेकिन स्थिति यह है कि एक बार टीकाकरण अभियान आगे खिसकने के बाद भी तैयारियों की रफ्तार सुस्त है। एक महीने में करीब 30 लाख बच्चों का टीकाकरण होना है, लेकिन निभाग के पास इसके लिए मात्र 400 डॉक्टर ही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि तय समय में निर्धारित लक्ष्य कैसे हासिल होगा।
एमआर टीकाकरण अभियान 11 सितंबर 11 अक्तूबर तक चलना था। बाद में अभियान की तारीख केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुरोध कर 30 अक्तूबर से 30 नवंबर कर दी गई। तारीख आगे बढ़ाने के पीछे बरसात का को आधार बताया गया। लेकिन, स्थिति यह थी कि टीकाकरण अभियान की तैयारी शुरू भी नहीं हो सकी थी। जबकि, ये अभियान पूर्व के पोलियो अभियान से काफी बड़ा है। पोलियो अभियान के तहत केवल पांच साल तक के बच्चों को ड्राप के माध्यम से दवा पिलाई जानी थी, जबकि एमआर में नौ महीने से लेकर 15 साल तक के किशोर को इंजेक्शन के माध्यम से टीका लगाया जाना है, जिनकी संख्या 30 लाख से ऊपर है। अभी योजना के प्रचार की सामग्री तक तैयार होकर पूरी तरह नहीं बंट पाई। इसके अलावा अभियान चलाने के लिए माइक्रो लेवल प्लान भी पूरी तरह तैयार न होने की बात कही जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल इंजेक्शन लगाने को लेकर है। अगर प्रतिदिन एक लाख बच्चों को टीका लगाया जाए, तभी एक महीने में तीस लाख बच्चों का टीका लगाने का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। स्थिति यह है कि फील्ड में काम करने वाले स्वास्थ्य विभाग के पास डॉक्टरों की संख्या 400 भी पूरी नहीं है। जबकि टीका लगाने के बाद बच्चों को मौके पर 30 मिनट तक अपने आब्जरवेशन में भी रखना है। ऐसे में तय समय सीमा में टीकाकरण अभियान (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 95 प्रतिशत कवरेज) पूरा हो पाएगा, उसके आसार कम ही हैं। ऊपर से स्वास्थ्य विभाग और नेशनल हेल्थ मिशन के अफसरों के बीच समन्वय की कमी इस पर और परेशानी खड़ा कर सकती है।
करीब चार करोड़ का बजट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अभियान को लेकर गंभीर है। एक बच्चे पर टीका लगाने के लिए 11 रुपये 60 पैसे का बजट तय किया है। इसके हिसाब से करीब चार करोड़ तक का बजट स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा। बाकी टीका आदि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से ही उपलब्ध होगा।
बरसात के कारण अभियान चलाने में समस्या आती, इसके चलते एमआर अभियान की तिथि आगे बढ़ाई गई है। टीकाकरण अभियान को लेकर तैयारियां चल रही है। अगर तैयारियों को लेकर कहीं पर कमी है, तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाएगा। एनएचएम-स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच समन्वय को और बेहतर करने के लिए कदम उठाए गए हैं।
- डॉ.पंकज पांडेय, अपर सचिव स्वास्थ्य