इन चार बिंदुओं पर मांगी सूचना
- समय-सीमा के अनुसार कितनी जनशक्ति, संसाधन, विशेषज्ञता और तकनीक उपयोग में लाई गई
- सामने आई चुनौतियों और उन्हें दूर करने के लिए क्या उपाय किए। नवाचार क्या रहे।
- ऑपरेशन के दौरान क्या सबक सीखे, वे कौन से क्षेत्र हैं, जिनमें सुधार की आवश्यकता है।
- भविष्य में इसी तरह की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुझाव और सिफारिशें क्या हैं?
शासन ने इन एजेंसियों से ब्योरा मांगा
सचिव आपदा प्रबंधन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, पेयजल निगम, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, जल संस्थान, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, भू स्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र और उत्तरकाशी के डीएम और पुलिस अधीक्षक से जानकारी मांगी है।