आर्मी में है तीसरी पीढ़ी
52 वर्षीय कर्नल दीपक पाटिल की सेना में यह तीसरी पीढ़ी है। उनके पिता शंकर पाटिल भारतीय सेना की आर्मी मेडिकल कोर में सेवारत रहे हैं, जबकि उनके दादा पिराजी पाटिल ब्रिटिश आर्मी में सेवाएं दे चुके हैं। बताया, उन्होंने वर्ष 1993 में सीडीएस परीक्षा पास कर आर्मी इंजीनियरिंग कोर ज्वाइन की थी। उन्होंने टनल इंजीनियरिंग में ऑस्ट्रिया से प्रतिष्ठित न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (एनएटीएम) कोर्स किया है।
नालूपानी का उपचार, ओपन टनल का कराया निर्माण
कर्नल पाटिल ने गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन जोन नालूपानी के उपचार के साथ ही चुंगी बड़ेथी भूस्खलन जोन में ओपन टनल का निर्माण भी कराया। जिससे अब इन दोनों ही क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा खत्म होने से सफर सुरक्षित हो गया है। इससे पूर्व में वह बीआरओ में संयुक्त निदेशक कॉन्ट्रैक्ट के पद पर काम कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने रोहतांग टलन में काम किया। वहीं, जोजिला जेड मोड प्रोजेक्ट में भी काम कराया।