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Uttarkashi Tunnel: रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद फिर सुरंग निर्माण के मोर्चे पर कर्नल पाटिल, मिला सेवा विस्तार

Sun, 11 Feb 2024 06:14 PM IST
अलका त्यागी अजय कुमार, अमर उजाला, उत्तरकाशी

सार

पिछले साल छह नवंबर को वह एनएचआईडीसीएम में डेपुटेशन समाप्त होने पर रिलीव होकर वापस लौट गए थे, लेकिन उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें 12 नवंबर को हुए भूस्खलन हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दोबारा बुलाया गया।
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कर्नल पाटिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल फिर सुरंग निर्माण के मोर्चे पर हैं। हालांकि, वह हादसे से सप्ताहभर पहले ही रिलीव हो चुके थे, लेकिन सुरंग निर्माण कार्य के उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें सितंबर तक का सेवा विस्तार मिला है।

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उन्होंने बंद सुरंग निर्माण कार्य को दोबारा पटरी पर लाने को पहली प्राथमिकता बताया है। भारतीय सेना में कॉम्बैट इंजीनियर कर्नल दीपक पाटिल मूलरूप से महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले हैं। कर्नल पाटिल वर्ष 2019 से यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा पोलगांव सुरंग की कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल में महाप्रबंधक का जिम्मा संभाल रहे हैं।

पिछले साल छह नवंबर को वह एनएचआईडीसीएम में डेपुटेशन समाप्त होने पर रिलीव होकर वापस लौट गए थे, लेकिन उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें 12 नवंबर को हुए भूस्खलन हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दोबारा बुलाया गया। उस दौरान ऑगर मशीन से ड्रिलिंग फेल होने पर उन्होंने दोबारा रेस्क्यू को गति दी थी।
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अब फिर सुरंग निर्माण की ओर सावधानी के साथ कदम बढ़ाए जा रहे हैं, जिसमें कर्नल दीपक पाटिल फिर मोर्चा संभाले हुए हैं। उनका कहना है कि हादसे के बाद निर्माण कार्य को दोबारा पटरी पर लाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वह और उनकी टीम इस चुनौती के लिए तैयार हैं।

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आर्मी में है तीसरी पीढ़ी
52 वर्षीय कर्नल दीपक पाटिल की सेना में यह तीसरी पीढ़ी है। उनके पिता शंकर पाटिल भारतीय सेना की आर्मी मेडिकल कोर में सेवारत रहे हैं, जबकि उनके दादा पिराजी पाटिल ब्रिटिश आर्मी में सेवाएं दे चुके हैं। बताया, उन्होंने वर्ष 1993 में सीडीएस परीक्षा पास कर आर्मी इंजीनियरिंग कोर ज्वाइन की थी। उन्होंने टनल इंजीनियरिंग में ऑस्ट्रिया से प्रतिष्ठित न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (एनएटीएम) कोर्स किया है।

नालूपानी का उपचार, ओपन टनल का कराया निर्माण
कर्नल पाटिल ने गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन जोन नालूपानी के उपचार के साथ ही चुंगी बड़ेथी भूस्खलन जोन में ओपन टनल का निर्माण भी कराया। जिससे अब इन दोनों ही क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा खत्म होने से सफर सुरक्षित हो गया है। इससे पूर्व में वह बीआरओ में संयुक्त निदेशक कॉन्ट्रैक्ट के पद पर काम कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने रोहतांग टलन में काम किया। वहीं, जोजिला जेड मोड प्रोजेक्ट में भी काम कराया।
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